
पालमपुर/जयसिंहपुर (कांगड़ा)। उपमंडल में सोमवार से लगातार हो रही बारिश ने तबाही मचाई है। जयसिंहपुर के नेत्री गांव के सुभाष चंद और परमेश्वरी दास के घराें पर गिरने का खतरा बना हुुआ है। इन लोगों को प्रशासन ने जयसिंहपुर के सरकारी क्वार्टरों में ठहरा दिया है। पंचायत बड़ के झमूं में भी तीन भाइयों के मकान गिरे हैं। गांव कुछाल जगियां में पृथ्वी सिंह का पक्का मकान बारिश से क्षतिग्रस्त हो गया है। मूंगल गांव में भगवान दास, देश राज व जगदीश की पशुशालाएं गिरी हैं। मुंगल पंचायत के प्रधान बलदेव राज खोदलू ने कहा कि गांव में एक पहाड़ी खिसकने की आशंका से 15 घर खतरे की जद में आ गए हैं। डर से लोग घर से बाहर ऊंची जगह पर बैठे हुए हैं। रिट गांव में पवन कुमार का मकान गिरा है। डरोह के गांव कस्बा में प्यार चंद, मूंढी के किशोरी लाल, जडवाणा के जगदीश चंद, बसकेहड़ की राजकुमारी व हैंजा के विनोद कुमार की पशुशालाएं गिर गई हैं। खैरा गांव में मखौली राम के मकान का एक हिस्सा व लज्यां गांव में निर्मला देवी का रसोई घर गिर गया है। मैंझा पंचायत में पंचम सिंह की पशुशाला गिर गई है। पालमपुर के तहसीलदार विचित्र सिंह ने कहा कि परौर, समूला, गरलादेई, मैंझा, चांदड़, गदियाड़ा व भौरा समेत 27 मामले कच्चे मकान व पशुशालाएं गिरने के आए हैं। करीब आठ लाख का नुकसान आंका गया है। जयसिंहपुर के एसडीएम डा. विक्रम महाजन ने कहा कि जयसिंहपुर में करीब एक करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
ये सड़कें रहीं बंद
भारी बारिश से पालमपुर-चामुंडा वाया नगरी रोड सुबह बंद रहा। इसे बाद में खोल दिया गया। खैरा-भोडा, शिवनगर- गंदड़, द्रमण-पाहड़ा, मालनू-खैरा, ज्वालामुखी-नागनी, परौर-धीरा, धीरा काहनफट्ट, क्यारवां नौरा, नौरा-चौकी, क्यारवां -सरूट, डगेरा, तमलोह, क्यारवां-पनहार, डंई-बरसोला, सुलह-ककड़ैं, भदरोल-गगल समेत, रिट समेत कई सड़कें बंद रहीं। लंबागांव इलाके में जमलेहड़ खड्ड व मोल खड्ड पर बने पुल क्षतिग्रस्त हो गए।
धीरा में गिरे मकान और पशुशालाएं
धीरा (कांगड़ा)। क्यारवां के महाल खरयाना में मोनी राम व चौरी दा लाहड़ में सरोजनी देवी की पशुशालाएं गिर गईं। गांव क्यार के मदन लाल की दुकान की दीवार, धीरा के ओंकार के घर का कमरा, औच के प्रीतम चंद का मकान गिर गया। इसी पंचायत के निवासी मस्त राम के घर को खतरा पैदा हो गया है। मंरूह पंचायत के फस्टा निवासी पुरुषोत्तम चंद के मकान की दीवार भी गिर गई है। नायब तहसीलदार धीरा अमित राणा ने कहा कि मौके पर जाकर स्थिति का जायजा ले लिया है। प्रभावितों को तिरपाल और राहत राशि दी गई है।
