
मोहाली: पंजाब के शिक्षा मंत्री सिकंदर सिंह मलूका ने आज विभिन्न अध्यापक तथा बेरोजगार अध्यापक जत्थेबंदियों को बातचीत के लिए पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के गैस्ट हाऊस में बुलाया परंतु अध्यापकों की भीड़ को देखते हुए वह चुपचाप वहां से खिसक गए। यह देखकर अध्यापकों में शिक्षा मंत्री के प्रति रोष पैदा हो गया और सभी अध्यापक वहीं धरने पर बैठ गए। उन्होंने सरकार व शिक्षा मंत्री के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की।
लिखित में तय हुई थी बैठक
अध्यापक जत्थेबंदियों का दावा था कि आज की बैठक के बारे में शिक्षा मंत्री ने लिखित में आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा कि एस.एस.ए., रमसा, सी.एस.एस. टीचर्ज यूनियन, एस.एस.ए. नॉन टीचिंग यूनियन, 7654 अध्यापक यूनियन, स्पैशल ट्रेनर अध्यापक यूनियन, टी.ई.टी. पास बेरोजगार अध्यापक यूनियन, ई.टी.टी.ई.जी.एस. यूनियन आदि को शिक्षा मंत्री ने इस बैठक के लिए बुलाया था।
अफसरों ने की मीटिंग
अध्यापकों ने कहा कि सभी अध्यापक यूनियन के सदस्य समय पर शिक्षा बोर्ड के गैस्ट हाऊस के बाहर पहुंच गए थे। शिक्षा मंत्री भी वहां पहुंचे हुए थे। उन्होंने कहा कि अध्यापकों की भीड़ देखकर शिक्षा मंत्री चुपके से वहां से खिसक लिए तो शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों ने अध्यापकों को भीतर आने को कहा तथा उनके साथ बैठक शुरू कर दी।
उन्होंने कहा कि शिक्षा सचिव ने उनसे कहा कि शिक्षा मंत्री उनकी समस्याओं के हल के लिए उन्हें अधिकार देकर गए हैं। जब शिक्षा सचिव से पूछा गया कि क्या वित्त से संबंधित मसले वह हल कर सकती हैं तो शिक्षा सचिव का कहना था कि इसके बारे में शिक्षा मंत्री ही कुछ करेंगे।
दुव्र्यवहार का आरोप
एस.एस.ए., रमसा, सी.एस.एस. टीचर्स यूनियन के अध्यक्ष रामभजन चौधरी, राजविंद्र बीर, एस.एस.ए. नॉन टीचिंग यूनियन के तलविंद्र सिंह तथा गुरमीत सिंह, 7654 अध्यापक यूनियन के नवदीप समाना व अमनिद्र सिंह, स्पैशल ट्रेनर अध्यापक यूनियन के गुरचरण सिंह, टी.ई.टी. पास बेरोजगार अध्यापक यूनियन के अमनदीप सिंह तथा रघुबीर सिंह और ई.टी.टी.ई.जी.एस. यूनियन के मक्खन सिंह तथा जसपाल कौर ने आरोप लगाया कि बैठक में शिक्षा सचिव अंजलि भावड़ा तथा पूर्व डी.पी.आई. साधु सिंह रंधावा ने अध्यापकों के साथ दुव्र्यवहार किया, साथ ही उन्हें शर्मसार करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी।
बैठक का बहिष्कार
यूनियन नेताओं ने कहा कि अधिकारियों के इस रवैये तथा शिक्षा मंत्री के उन्हें बुलाकर वहां से चले जाने के विरोध में सभी अध्यापक यूनियनों ने अधिकारियों के साथ हो रही बैठक का बहिष्कार कर दिया तथा शिक्षा सचिव के कार्यालय के समक्ष जाकर नारेबाजी शुरू कर दी।
बनाई एक्शन कमेटी
गुस्साए अध्यापकों ने आनन-फानन में एक मीटिंग कर एक्शन कमेटी का गठन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री समस्याओं को हल करने में असमर्थ हैं। इसलिए अब वह मुख्यमंत्री प्रकाशसिंह बादल के साथ ही बैठक करेंगे। यदि मुख्यमंत्री बादल भी उनकी बात नहीं सुनते तो वह 9 अगस्त को मलेरकोटला में मुख्यमंत्री के समागम के दौरान रोष प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वह 15 अगस्त को लुधियाना में होने वाले स्वतंत्रता दिवस समागम के अवसर पर भी काली झंडियां दिखाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
