
हरिद्वार। स्वामी रामदेव ने कहा कि अब आयुर्वेद से विश्व का कायाकल्प होगा। जिस सावन में जड़ी-बूटियों की सर्वाधिक पैदावार होती है उस मास में विश्व को बदलने का अभियान शुरू किया जा रहा है। बाबा ने कहा, आयुर्वेद और योग इस दुनिया को बदल देंगे।
पतजंलि में रविवार को (चार अगस्त) आचार्य बालकृष्ण का जन्म दिवस जड़ी-बूटी दिवस के रूप में मनाया गया। इस दौरान भाभा एटेमिक रिसर्च सेंटर एवं पतजंलि बायो रिसर्च इंस्टीट्यूट के बीच एक अनुबंध पर अंतिम मोहर लगी। सहमति बनी दोनों संस्थाएं अब विषमुक्त खेती, बायोगैस, पशु आहार, खाद और बीज पर मिलकर अनुसंधान करेंगे। भाभा सेंटर की मुख्य वैज्ञानिक श्रीमति स्मिता एस मुले ने कहा कि जड़ी-बूटी विश्व के लिए वरदान है। एटेमिक रिसर्च सेंटर कई वर्षों से इस दिशा में काम कर रहा है। अब पतजंलि के साथ करार होने से खेती के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएंगे। पतजंलि बायो की वरिष्ठ प्रबंधक डॉ. साधना सिंह ने ज्वाइंट अनुसंधान पर प्रकाश डाला। रामजन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास ने कहा कि हरित क्रांति के माध्यम से जड़ी-बूटी विज्ञान आगे बढ़ सकता है। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत के प्राचीन ज्ञान को पतजंलि आगे लाई है। मौके पर आयुर्वेद के क्षेत्र में वैद्य भगवान दास एवं वैद्य सदानंद कामत को पतंजलि आयुर्वेद गौरव, एन नारायण रेड्डी को पतंजलि कृषि गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया। आचार्य बालकृष्ण द्वारा लिखित पांच पुस्तकों का लोकापर्ण भी किया।
मनीषा कोइराला पहुंची
जड़ी-बूटी दिवस कार्यक्रम में भाग लेने प्रख्यात अभिनेत्री मनीषा कोइराला भी पहुंची। प्रात:काल उन्होंने राष्ट्र के लिए किए गए सामूहिक यज्ञ में आचार्य बालकृष्ण के साथ भाग लिया। निराश्रित बच्चों को मनीषा ने स्कूल बैग बांटे।
भजनोें ने समां बांधा
विख्यात संगीतकार एवं गायक रवींद्र जैन के भजनों ने समां बांधा। देशभर से आए पतंजलि योगपीठ साधक देर शाम तक रामायण से जुड़े रवींद्र के प्रसिद्ध भजनों का आनंद लेते रहे।
