सोनप्रयाग से केदारनाथ जाने का रास्ता मुश्किल

रुद्रप्रयाग। सोनप्रयाग से केदारनाथ चढ़ने में जहां पहले एक दिन भी नहीं लगता था। आपदा के बाद केदारनाथ जाने में तीन दिन लग रहे हैं। 10 मीटर का पैच पार करने में पांच मिनट लग रहे हैं। रास्ता भी ऐसा कि पांव फिसला नहीं कि सीधे नदी में जा गिरे।
राहत आयुक्त डा. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के नेतृत्व में गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग का विकल्प तलाशने निकली टीम ने यही अनुभव किया। सोनप्रयाग से आगे गौरीकुंड तक केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग ध्वस्त होने से टीम ने सोनप्रयाग से पैदल सफर शुरू किया। सोनप्रयाग में बीआरओ द्वारा मंदाकिनी नदी के ऊपर बनाया गया फुट ब्रिज टूटने से टीम सबसे पहले सोनगंगा में पावर हाउस के समीप पहुंची। यहां नदी पार करने के लिए पेड़ अटकाया गया था। टीम इसी के ऊपर से गुजरकर मुंडकटिया की ओर पहुंची। गौरीकुंड तक पहुंचने के लिए टीम को चार स्थानों पर भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों से गुजरना पड़ा। सोनप्रयाग से गौरीकुंड पहुंचने में करीब चार घंटे लग गए। पहला पड़ाव टीम ने गौरीकुंड में किया।
दूसरे दिन सुबह गौरीकुंड से टीम ने यात्रा शुरू की। टीम गौरीकुंड और गौरीगांव के बीच लोनिवि द्वारा बनाए गए रास्ते पर नहीं चली बल्कि परंपरागत रास्ते से जाने का निर्णय लिया गया। गौरीकुंड पुलिस चौकी से आगे घोड़ा पड़ाव के काफी ऊपर बाढ़ में रास्ता बह चुका है। इसलिए टीम रस्सों के सहारे पहले नदी किनारे उतरी फिर स्लाइडिंग जोन के ऊपर चलते हुए पुराने रास्ते पर पहुंची। यहां से जंगलचट्टी और भीमबली के बीच कई स्थानों पर पुराना मार्ग सलामत हैं। हालांकि कुछ स्थानों पर गदेरों ने रास्ते को काट दिया है लेकिन मलबे के ऊपर से आवाजाही हो रही है। टीम का दूसरा पड़ाव भीमबली रहा। अगले दिन टीम ने भीमबली से केदारनाथ का सफर तय किया। यह सफर काफी खतरनाक रहा। रस्सों के सहारे नदी किनारे उतरे। कई स्थानों पर चट्टान के ऊपर से गुजरे। इसके सीधे नीचे नदी थी। तबाह हो चुके रामबाड़ा बाजार में नदी के ऊपर बनाए गए पुल को पार किया। यहीं से रामबाड़ा-केदारनाथ पैदल मार्ग को छोड़ना पड़ा। क्योंकि यहां मार्ग का नामोनिशान नहीं है। नदी की दूसरी ओर चलते हुए टीम छह घंटे में केदारनाथ पहुंची। टीम के साथ शामिल एसपी बरिंदर जीत सिंह ने बताया कि रामबाड़ा से ऊपर घोड़े-खच्चरों के चलने से रास्ते की स्थिति खराब हो गई है। टीम को आपदा से पहले मार्ग की तुलना में लगभग आठ किमी अतिरिक्त चलना पड़ा।

Related posts