
हल्द्वानी। आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तराखंड की प्रांतीय बैठक में प्रदेश में आई आपदा में अनाथ हुए एक सौ बच्चों को गोद लेने का निर्णय लिया गया। इन्हें देहरादून स्थित स्वामी श्रद्धानंद बाल वनिता आश्रम में रखा जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए आर्य समाज प्रतिनिधि सभा उत्तराखंड के प्रधान हजारी लाल ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने आर्य समाज को एक सौ बच्चे गोद देने का आश्वासन दिया है। पंद्रह बच्चे अब तक संस्था को दिए जा चुके हैं। इसके साथ ही आर्य समाज ने एक सौ मकान बनाकर देने का संकल्प लिया है। आर्य समाज पुनर्विवाह व्यवस्था का पक्षधर रहा है। यह कार्य विधवाओं के जीवन की कठिनाइयों को देखते हुए स्वामी दयानंद ने प्रारंभ किया था। इस आपदा में भी कई बहिनें विधवा हो गई हैं। आर्य समाज का मत है कि यदि स्थानीय समाज सहमति बनाकर उनके पुनर्विवाह की व्यवस्था करे तो आर्य समाज उस विवाह पर होने वाले व्यय का अधिकतम एक लाख रुपया वहन करेगा। सभा के मंत्री डीपी यादव ने संचालन करते हुए सेवा कार्यों में सहयोग देने का आह्वान किया। सभा के प्रांतीय वरिष्ठ उप प्रधान डा. विनय खुल्लर विद्यालंकार ने कहा कि विश्वस्तरीय संगठन आर्य समाज द्वारा किए गए व्यापक सेवा कार्यों का नेतृत्व करता है। वर्तमान में आपदा राहत कार्यों में गुप्तकाशी में सेवा शिविर लगा चुका है। आर्य समाज की ओर से एक हजार सोलर लालटेन बांटी जा चुकी हैं। हजारों व्यक्तियों को लिए नए वस्त्र भिजवाए गए हैं। इस अवसर पर प्रांतीयि सभा के पदाधिकारी नशा मुक्त उत्तराखंड बनाने का आह्वान लेकर गए हैं। सभा में प्रांत के उप प्रधान एसपी गुप्ता (रुड़की), ओपी नागिया, ज्ञान चंद्र गुप्त, शीला गुप्ता (देहरादून), गिरीश मेहरोत्रा, दिनेश तिवारी (अल्मोड़ा), देवराज आर्य, डा. श्याम सिंह (हरिद्वार), देवदत्त आर्य (सुलतानपुर पट्टी), डीपी यादव, पृथ्वीराज आर्य (रुद्रपुर), प्रकाश पाठक (रानीखेत), नानकचंद लोहिया, श्रीकांत खंडेलवाल, बसंत कुमार कंसल, डा. विनय खुल्लर, प्रो. राम सिंह (हल्द्वानी) मौजूद थे।
