जलागम के सरकारी भवनों को बना दिया रैन बसेरा

भीमताल। जहां एक ओर जमीन और भवन के अभाव में भीमताल में कई सरकारी योजनाएं फाइलों में धूल फांक रहीं हैं वहीं दूसरी ओर तल्लीताल के समीप बेशकीमती सरकारी भवनों पर कब्जा कर कुछ लोगों ने इसे अपना आशियाना बना डाला है। इसके बावजूद न तो इन भवनों से कब्जा छुड़ाया जा रहा है और न ही इन भवनों का सरकार और उससे संबंधित महकमें कहीं उपयोग कर रहे हैं। देखरेख के अभाव में अब यह भवन जर्जर स्थिति में पहुंच चुके हैं।
बताते चलें कि वर्ष 1990 के शुरूआती दशक में प्रदेश सरकार ने भीमताल के ग्रामीण क्षेत्रों में जलागम प्रबंध परियोजना शुरू की थी। इसके लिए तल्लीताल के समीप ग्रामसभा ढुंगशिल की वन पंचायत भूमि में लाखों रूपये खर्च कर जलागम प्रबंध परियोजना के संचालन के लिए तीन कार्यालय भवन बनाए गए। कभी इसी कार्यालय भवनों में जलागम के परियोजना प्रबंधक और उनका स्टाफ बैठता था। एक दशक के बाद जब परियोजना का कार्यकाल पूरा हो गया तो उक्त भवन उद्यान विभाग को हस्तांतरित हो गए। कुछ समय तक यहां उद्यान विभाग का दफ्तर संचालित हुआ। बाद में भवनों की चाबी बीडीओ को हस्तांतरित कर दी गई।
पिछले एक दशक से इन भवनों का कोई रखवाला नहीं है। अब इन भवनों में कुछ बाहरी व्यक्तियों और मजदूरों ने कब्जा कर लिया है जो परिवार के साथ वहां रहते हैं। देखरेख के अभाव में कुछ भवनों की स्थिति बेहद जर्जर हो चुकी है। एक व्यक्ति ने तो इस सरकारी आवास में चौैधरी निवास तक लिख डाला है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से भवनों का सदुपयोग करने की मांग की है। उनका कहना है कि जनमिलन केंद्र के इकलौते कमरे में चल रही आईटीआई को यहा स्थानांतरित किया जा सकता है।

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