गोदामों में सड़ रही राहत सामग्री

उत्तरकाशी। आपदा के 50 दिन बाद भी रास्ते न खुल पाने से गांवों तक खाद्यान्न एवं राहत सामग्री नहीं पहुंच पा रही है। फलस्वरूप जिला मुख्यालय सहित अन्य स्थानों पर बने गोदाम राहत सामग्री से अटे पड़े हैं। बोरियों में पैक राहत सामग्री सड़ रही है। आजकल प्रशासन इसी सामग्री को खच्चरों के माध्यम से भटवाड़ी क्षेत्र में भेज रहा है।
आपदा पीड़ितों की मदद के लिए देश-विदेश की स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से भेजी जा रही राहत सामग्री प्रशासन के गोदामों में जमा करा दी गई। कई गोदाम राहत सामग्री से अटे पड़े हैं।
जिले के अलग-थलग पड़े 135 गांवों में प्रशासन की ओर से तीन तरह का खाद्यान्न बांटा जा रहा है। इसमें सरकारी घोषणा वाला फ्री राशन, दूसरा पीडीएस का तथा तीसरा संस्थाओं से प्राप्त राहत वाला राशन शामिल है। सरकारी सस्ता गल्ला की दुकानों से राशन लेने वाले आपदा पीड़ितों को पता ही नहीं चल रहा है कि उन्हें कौन सा राशन दिया जा रहा है।

सरकारी दुकानों से बिक रहा राहत वाला राशन
उत्तरकाशी। जिले में कई सस्ता गल्ला विक्रेताओं की दुकान से संस्थाओं की ओर से भेजा गया राहत वाला राशन पीडीएस की दरों पर बेचा जा रहा है। मानपुर निवासी गणेश भट्ट ने बताया कि गांव की दुकान से राशन कार्डधारकों को नज्ञै रुपये प्रति किलो की दर से चार किलो चावल तथा पांच रुपये की दर से पांच किलो आटा दिया गया। जबकि यह राशन आपदा राहत लिखे कट्टों में पैक था। सस्ता गल्ला विक्रेता शूरवीर भंडारी ने बताया कि चालान लगाने पर उन्हें यही राशन गोदाम से उपलब्ध कराया गया। जिसे सरकारी दरों पर बेचा जा रहा है।

कोट……..
संस्थाओं से प्राप्त राहत सामग्री विभिन्न गोदामों में जमा कराई गई है। जिसे आपदा प्रभावित इलाकों में भेजा जा रहा है। अलग-थलग पड़े 135 गांवों तक फ्री वाला राशन पहुंचाया जा चुका है। जबकि इनमें से 128 गांवों में पीडीएस वाला तथा 80 गांवों में संस्थाओं से प्राप्त राहत वाला राशन भी भेजा गया। शुरूआत में फ्री वाला राशन न पहुंचने के कारण पीडीएस वाला राशन फ्री बंटवाया गया था। अब फ्री वाला राशन पीडीएस में समायोजित किया जा रहा है।
विजयनाथ शुक्ल, जिला पूर्ति अधिकारी उत्तरकाशी।

Related posts