
शिमला। एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा है कि क्रिकेट के भले के लिए ही एचपीसीए को सोसाइटी से कंपनी में बदला गया है। यह सब कानूनन हुआ है, जो अपराध नहीं है। एसोसिएशन ने कंपनी लॉ बोर्ड और सहकारी सभाएं विभाग से इस बारे में सभी अनुमतियां ली हैं। न कोई मेंबर बदला, न ही परिसंपत्तियों और दायित्वों में बदलाव किया है। कांग्रेस पार्टी की पिछली सरकार ने स्पोर्ट्स बिल लाकर एचपीसीए को हथियाने की कोशिश की थी, इसलिए भी कंपनी बनाना जरूरी था। ऐसा करने से एचपीसीए राज्य सरकार के दायरे से बाहर हो गई। कई राज्यों की क्रिकेट एसोसिएशन ने ऐसा किया है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि एचपीसीए पर एफआईआर राजनीतिक मंशा से की गई है। राज्य सरकार दूसरों के लिए बुने अपने ही जाल में फंसकर रह जाएगी। उन्होंने कहा कि धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम में बना क्लब हाउस एसोसिएशन का है और यह स्टेडियम में आने वाले खिलाड़ियों की जरूरत के अनुसार है। उन्होंने कहा कि आईसीसी के मैच रेफरी एलन हर्स्ट ने 5 सितंबर 2007 को दी अपने रिपोर्ट में कहा था कि धर्मशाला स्टेडियम के आस पास फाइव स्टार होटल न होने के कारण यहां अंतरराष्ट्रीय मैच करवाना संभव नहीं हैं। तब एचपीसीए ने प्राइवेट होटल सूर्या रिजार्ट और क्लब महिंद्रा आईसीसी की टीम को दिखाए थे, लेकिन इन्हें नाकाफी बताया गया। इसके बाद ही एचपीसीए ने खुद होटल बनाने की ओर कदम बढ़ाए। अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह कहना गलत है कि होटल पेवेलियन के लिए विलेज कामन लैंड दी गई, जो नहीं दी जा सकती थी। उन्होंने कहा कि कांगड़ा में सारी सरकारी जमीन विलेज कामन लैंड है। तपोवन में विधानसभा भवन के लिए दी जमीन भी और केंद्रीय विवि को दी जा रही भूमि भी। तो क्या ये सारी लीज अवैध हैं? अनुराग ठाकुर ने कहा कि कोर्ट में इसका जवाब दिया जाएगा।
राजनीतिक केस बनाया एचपीसीए पर : बरागटा
शिमला। भाजयुमो राष्ट्रीय सोशल मीडिया टीम के प्रभारी चेतन बरागटा ने जारी बयान में कहा है कि एचपीसीए पर केस राजनीतिक आधार पर बनाया गया। यह क्रिकेट को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि एचपीसीए के एसोसिएशन से कंपनी बनने से काम का दायरा बढ़ा है और काम में भी पारदर्शिता आई है।
पवेलियन पर सरकार को दे रहे सालाना 27 लाख
धर्मशाला। प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के प्रवक्ता संजय शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार और उसके कुछ अधिकारी मिलकर प्रदेश में ऐसा वातावरण पैदा कर रहे हैं कि एचपीसीए खेल संघ न होकर कोई राजनीतिक दल है। उन्होंने कहा कि 2005 में एचपीसीए का कंपनी एक्ट की धारा 25(2) के तहत पंजीकरण करवाया गया है। भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स से अनुमति ली गई है। होटल पवेलियन को व्यावसायिक तौर से चलाने के लिए सरकार से अनुमति ली है। उसके बदले एचपीसीए सरकार को सालाना 27 लाख रुपये अदा कर रही है।
संजय शर्मा ने कहा कि 2005 में कांग्रेस सरकार ने एचपीसीए पर कई आरोप लगाए थे। कोर्ट ने उन्हें क्लीन चिट दी थी। इस बार भी कांग्रेस सरकार एचपीसीए पर झूठे आरोप लगाकर लोगों को गुमराह कर रही है। उन्हें न्यायालय की प्रक्रिया पर पूरा विश्वास है। अंत में एचपीसीए इस बार भी पाक साफ निकलेगी।
