
मंडी। सुंदरनगर के एक ढाबे से तीन बाल श्रमिक छुड़वाने में चाइल्ड लाइन मंडी ने सफलता हासिल की है। चाइल्ड लाइन मंडी को एक माह पहले इन बाल श्रमिकों की गुप्त सूचना मिली थी। शनिवार को तीनों बाल श्रमिकों को छुड़वा लिया गया। तीनों बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। जहां बाल श्रमिकों ने अपनी व्यथा बयां की। बाल श्रमिकों में रणजीत (12), गुड्डू (14) एवं सूरज (15) के नाम शामिल हैं। तीनों बाल श्रमिक उत्तर प्रदेश बरेली जिला के स्थायी निवासी हैं। इनमें दो सगे भाई हैं। बाल कल्याण समिति के समक्ष दर्ज बयानों में रणजीत ने बताया कि वह ढाबे में करीब एक वर्ष से काम कर रहा है और यहां से जाना चाहता है। मगर ढाबा मालिक उसे जाने नहीं दे रहा है। ढाबे में उसके साथ मारपीट भी की जाती थी। सुबह छह बजे न उठे तो मालिक की ओर से पिटाई की जाती थी। ढाबा मालिक उन्हें प्रति माह 2 हजार रुपये देता था, लेकिन अभी उसे ढाबा मालिक से करीब 4 हजार रुपये लेना बाकी है।
शनिवार को चाइल्ड लाइन की कार्रवाई में दिनेश, सुरेंद्र, हुक्म, सतीश सहित एक जुविनाइल कांस्टेबल उपस्थित रहा। अब चाइल्ड लाइन मंडी ढाबा मालिक के खिलाफ जबरन काम करवाने और मारपीट करने पर जेजे एक्ट के तहत सुंदरनगर थाना में एफआईआर दर्ज करवाने जा रही है।
