
मंडी। वल्लभ महाविद्यालय मंडी में शनिवार को विद्यार्थी परिषद और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के बीच फिर जमकर हंगामा हुआ। कालेज कैंपस में आउटसाइडरों को लेकर अभाविप बिफर गई। इसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। दोनाें ही गुट आमने-सामने आ गए। करीब ढाई घंटे तक दोनों गुटों के बीच नारेबाजी होती रही। मगर पुलिस की मौजूदगी में छात्र गुट नारेबाजी तक सीमित रहे। वल्लभ कालेज मंडी में इससे पहले भी एनएसयूआई तथा विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के बीच खूनी संघर्ष हो चुका है। जिसमें दोनों छात्र गुटों के तीन कार्यकर्ता घायल हो गए थे। जानकारी के अनुसार शनिवार को कालेज में एनएसयूआई का जनरल हाउस था। जिसमें एनएसयूआई के राज्य प्रभारी निखिल द्विवेदी तथा राज्य प्रधान यदुपति भी उपस्थित हुए। जैसे ही एनएसयूआई के ये पदाधिकारी गाड़ी में कालेज कैंपस में प्रवेश हुए, विद्यार्थी परिषद ने विरोध शुरू कर दिया। अभाविप ने आरोप लगाया कि एनएसयूआई के आउटसाइडर जनरल हाउस में मौजूद थे। एनएसयूआई का जनरल हाउस संपन्न हुआ तो इसके बाद एनएसयूआई कार्यकर्ता भी विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं के खिलाफ एकजुट हो गए। कालेज में तनावपूर्ण माहौल को देखकर डीएसपी तथा सदर पुलिस थाना प्रभारी भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने पहरा कड़ा कर दिया। दोपहर करीब तीन बजे एनएसयूआई पदाधिकारियों की गाड़ी कालेज परिसर से बाहर निकल गई। इसके बाद कालेज प्रशासन तथा पुलिस के हस्तक्षेप से छात्र गुट भी शांत हो गए।
विद्यार्थी परिषद इकाई अध्यक्ष योगेश कुमार का आरोप है कि एक तो एनएसयूआई ने जनरल हाउस की आज्ञा नहीं ली थी। दूसरे उसके आधा दर्जन आउटसाइडर कालेज परिसर में घुस आए। जिन्हें अभाविप ने रोकने की कोशिश की। वहीं, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष विकास वर्मा का कहना है कि विद्यार्थी परिषद गुंडागर्दी फैला रही है। अभाविप के कार्यकर्ताओं ने उनके राज्य प्रभारी का घेराव करने की कोशिश की है। उधर, कालेज उपप्राचार्य टीएस ठाकुर का कहना है कि पुलिस से कालेज में कड़ा पहरा रखने का आग्रह किया है। छात्र गुटों को कालेज में शांति बनाए रखने की हिदायत दी है।
