
करसोग (मंडी)। मंदिरों में अकूत खजाने की सुरक्षा के लिए मंदिर कमेटियों की भी चिंता बढ़ रही है। चोरी की बढ़ती वारदातों के कारण मंदिरों में करोड़ों की संपत्ति सुरक्षित नहीं है। अधिकतर मंदिरों में सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं है। हालांकि, चोरी की वारदातों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने करसोग क्षेत्र के प्रसिद्ध मंदिरों में होमगार्ड के जवान तैनात किए हैं। उधर, मंदिर कमेटियों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि मंदिरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
करसोग क्षेत्र के देवालयों की सुरक्षा व्यवस्था राम भरोसे होने से क्षेत्रवासियों में सरकार के प्रति रोष है। करसोग क्षेत्र के कई मंदिरों में पहले भी चोरी की वारदातें हो चुकी है। जिसका खुलासा आज तक नहीं हुआ है। क्षेत्र के माहूंनाग मंदिर कमेटी के प्रधान मनसा राम, ममलेश्वर महादेव मंदिर कमेटी के प्रधान जय राम शर्मा, संतराम, धन्ना लाल, परमानंद सहित अन्य लोगों ने बताया कि क्षेत्र के मंदिरों में करोड़ों रुपये की संपत्ति है। लेकिन, सुरक्षा व्यवस्था न होने के चलते मंदिरों में चोरी की वारदात का खतरा बना रहता है। सरकार की ओर से क्षेत्र के मंदिरों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना थी, जो आज तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। स्थानीय प्रशासन की ओर से केवल एक-एक सुरक्षा कर्मी की तैनाती कर अपनी जिम्मेवारी पूरी कर ली है। उन्होंने कहा कि पूर्व में क्षेत्र के अधिकांश मंदिरों से देवता की मूर्तियां, धनराशि सहित अन्य सामान की चोरी हुई थी। जिसका आज तक पुलिस पता नहीं लगा पाई है।
स्थानीय विधायक मनसा राम ने कहा कि क्षेत्र के सभी मंदिरों की सुरक्षा जरूरी है। सीसीटीवी कैमरों के साथ सुरक्षा कर्मियों को हथियार भी उपलब्ध करवाने होंगे। एसडीएम करसोग विवेक चौहान ने कहा कि मंदिरों में लूटपाट की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन द्वारा प्रसिद्ध मंदिरों की सुरक्षा के लिए होमगार्ड की तैनाती कर दी गई है। डीएसपी कुलभूषण ने कहा कि सभी मंदिरों में सीसीटीवी कैमरे लगने चाहिए। जिससे चोरी की वारदात को अंजाम देने वालों की पहचान हो सके। उन्होंने कहा कि मंदिरों की सुरक्षा के लिए होमगार्ड तैनात किए गए हैं।
