
नेरचौक/चैलचौक (मंडी)। सराजघाटी में तेंदुए के खौफ के चलते जहां लोग चिंतित हैं, वहीं अब तेंदुए ने बल्ह तथा नाचन क्षेत्र में भी अपनी दस्तक से दहशत फैला दी है। बल्हघाटी में पिछले दो सप्ताह से तेंदुए ने लोगों के पालतू पशुओं और जानवरों को शिकार बनाना शुरू कर दिया है। बल्ह भाजपा मंडलाध्यक्ष संजय राव ने बताया कि शनिवार सुबह साढ़े ग्यारह बजे जब स्थानीय निवासी हरिपाल पुत्र मुंशी राम अपनी गाय को पानी पिलाने के लिए साथ लगते नाले में ले जा रहा था तो अचानक तेंदुए ने गाय पर हमला कर दिया। तेंदुए के अचानक किए इस हमले से हरिपाल हक्का-बक्का रह गया और तेंदुआ ने उसकी गाय को मार डाला। तेंदुआ अब तक भंगरोटू तथा मांडल पंचायतों में दर्जनों मवेशियों और पालतू जानवरों को अपना शिकार बना चुका है। मांडल पंचायत की प्रधान अंजना रावत के अनुसार तेंदुआ हरिपाल, ओम प्रकाश, मेहर चंद, सुरेंद्र सोनी, मांडल निवासी चूड़ामणी के पालतू मवेशियों को अपना निवाला बना चुका है। डीएफओ एसके सरवटा ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए जाने की बात कही है। उधर, नाचन वन मंडल की खारसी वन वीट में तेंदुए के शावक दिखने से ग्रामीणाें में दहशत फैल गई है। शनिवार को जैसे ही तेंदुए के बच्चे गांव के नजदीक पहुंचे, लोगाें में अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों ने इकट्ठा होकर तेंदुए के शावकाें को भगाने की कोशिश की। इसके बाद तेंदुए के ये बच्चे पेड़ पर चढ़ गए। ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। जब तक टीम पहुंचती तेंदुए के बच्चे जंगल में भाग निकले। इधर, खारसी वन बीट रक्षक ढमेश्वर ने बताया कि विभाग को इस घटना के बारे में अवगत करवा दिया है।
