भावा परियोजना का संपर्क मार्ग टूटा

शिमला। राज्य विद्युत बोर्ड कर्मचारी यूनियन ने आरोप लगाया कि संजय गांधी जल विद्युत गृह भावानगर का संपर्क मार्ग छह दिन से बंद है। इससे यहां तैनात कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई कर्मचारियों को तो 74 घंटे तक लगातार सेवाएं देनी पड़ीं। 120 मेगावाट क्षमता के प्रोजेक्ट में वर्तमान में 100 मेगावाट से ऊपर बिजली पैदा हो रही है। इसके बावजूद प्रबंधन इसके प्रति गंभीर नहीं है। कर्मचारियों की आवासीय कालोनी यहां से 15 किलोमीटर दूर भावानगर में है। परियोजना पर 68 कर्मचारी आठ घंटे की ड्यूटी देते हैं। रास्ता टूटने के कारण कर्मचारियों को जान जोखिम में डाल कर परियोजना तक पहुंचना पड़ रहा है। यूनियन की भावानगर इकाई के प्रधान विनय शर्मा तथा सचिव संजीव कुमार ने कई बार समस्या को संबधित अधिकारियों को बताया, लेकिन राहत के नाम पर कुछ हासिल नहीं हो रहा है। यूनियन ने बोर्ड प्रबंधन से मांग की है कि जब तक संपर्क मार्ग को नहीं जोड़ा जाता, तब तक अस्थायी तौर पर झूला डालकर रास्ता बनाया जाए।

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