
पांवटा साहिब (सिरमौर)। सिरमौर निजी बस ऑपरेटर संघ ने मुख्यमंत्री एवं प्रदेश सरकार से किराया बढ़ोतरी की मांग रखी है। पहले ही घाटे में चल रहे ट्रांसपोर्टरों का हाल बेहाल हो रहा है। विभिन्न टैक्सों एवं कलपुर्जों के दाम बढ़ने से पहले ही ट्रांसपोर्टरों की हालत खराब हो चुकी है। जिले में खस्ताहाल संपर्क सड़कें एवं पेट्रोलियम दामों में बार-बार वृद्धि होने से निजी बस संचालकों की चिंता निरंतर बढ़ती जा रही है।
सिरमौर निजी बस आपरेटर संघ अध्यक्ष मामराज शर्मा, अतर सिंह, भजन चौधरी, अखिल शर्मा, रामेश्वर शर्मा, राजेश्वर, कपिल ठाकुर एवं रमेश चौहान का कहना है कि कई बसें घाटे से उभरने के चलते बंद हो चुकी हैं। दिनों दिन कलपुर्जों, पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में इजाफा हो रहा है। जबकि कई वर्षों से बसों का किराया नहीं बढ़ाया जा सका। सिरमौर में सड़कों की हालत ठीक नहीं है। विशेष कर ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाल टूटी एवं ऊबड़ खाबड़ खड्डानुमा सड़कों पर जान माल के क्षति की आशंका हमेशा बनी रहती है।
इन सड़कों पर रोजाना वाहन दौड़ाने पर कलपुर्जों को क्षति होती है। इसका औसतन आर्थिक भार लाखों में चला जाता है। विभिन्न करों, बदहाल सड़कों से वाहनों की क्षति एवं आए दिन तेल कीमतों में बढ़ोतरी के चलते चारों तरफ से निजी बस संचालकों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। इसलिए सिरमौर निजी बस यूनियन ने मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री एवं प्रदेश सरकार से बसों के किराए में वृद्धि की मांग रखी है। इस बारे विगत दिनों प्रदेश निजी बस आपरेटर संघ अध्यक्ष जैशी राम की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंप चुका है जिसमें घाटे से उभरने के लिए निजी बस संचालकों की मांगों पर गंभीरता से विचार का आग्रह किया गया है।
