
शिमला। आनंदपुर साहिब और नयना देवी के बीच प्रस्तावित रोप-वे पर हिमाचल पड़ोसी राज्य पंजाब को बॉय-बॉय करने जा रहा है। शनिवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय बैठक में इस पर फैसला लगभग हो गया है। कमेटी ने रिपोर्ट फाइनल कर ली है। इसमें आनंदपुर साहिब के बजाए नयना देवी के ही टोबा से रज्जू मार्ग बनाने का प्रस्ताव है। इस रिपोर्ट को कैबिनेट की अगली बैठक में रखा जा रहा है। वहां फैसला होने के बाद पंजाब के साथ हुए एमओयू को रद्द किया जाएगा। इस बैठक में पर्यटन विभाग के निदेशक सुभाशीष पांडा भी शामिल हुए।
हिमाचल ने दोनों राज्यों के बीच प्रस्तावित 3751 मीटर लंबे इस रोप-वे प्रोजेक्ट के एमओयू पर 26 जुलाई 2012 को हस्ताक्षर किए थे। इसके लिए पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल शिमला आए थे। धूमल और बादल की उपस्थिति में यह करार हुआ था। लेकिन राज्य में सरकार बदलने के बाद कांग्रेस सरकार ने इस एमओयू की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाई। इस कमेटी ने अब अपनी रिपोर्ट एमओयू के खिलाफ दी है। कैबिनेट में मसला रखे जाने के बाद इस बारे में पंजाब को एमओयू रद्द करने का नोटिस दिया जाना है।
