
बालीचौकी (मंडी)। सराजघाटी में जो काम स्वच्छता मिशन के जरिये नहीं हो पाया, वह अब तेंदुए के आतंक से होने लगा है। जिन लोगों ने शौचालय नहीं बनाए थे, उन्होंने इनका निर्माण करवाना शुरू कर दिया है, ताकि रात के समय उन्हें घर से बाहर न निकलना पड़े। लोग शाम ढलते ही अपने घरों में दुबकने लगे हैं। अब तो शराबियों ने इलाके में देर-सवेर पीना छोड़ दिया है। स्थानीय निवासी केसर सिंह, हीरामणी, बवीता, सोमदत्त, भादर सिंह आदि ने बताया कि सराज में जिन लोगों ने अभी तक घरों में शौचालय नहीं बनाए थे, उन लोगों ने तेंदुए के डर से शौचालय के महत्व को समझते हुए इनका निर्माण शुरू कर दिया है। बताया कि सराजघाटी में छोटी-छोटी दुकानों और कस्बों में जहां दिनभर कई लोग ताश और जुआ खेलते और शराब पीते हैं तथा देर रात घर आते थे, अब वे लोग तेंदुए की दहशत के चलते शाम ढलने से पहले ही घर पहुंच रहे हैं। दूसरी तरफ पैदल रास्तों से स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को लेकर अभिभावक चिंतित हैं तथा खेत खलिहानों और वनों से चारा और ईंधन इकट्ठा करने वाली महिलाओं तथा दूर तक पैदल सफर करने वाले ग्रामीण सहमे हुए हैं। सराज में पिछले माह तेंदुए ने दो महिलाओें को मौत के घाट उतार दिया था। जबकि दो लोगों को जख्मी कर दिया। इधर, एसडीएम गोहर दिले राम का कहना है कि इन हादसों से लोग सहमे हुए हैं। क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। जल्द ही लोगों को इस समस्या से निजात दिलाई जाएगी।
