
चंपावत। राज्य के अन्य हिस्सों में जुलाई में अतिवृष्टि से भारी तबाही की घटनाएं अमूमन रोज हो रही हैं, लेकिन चंपावत में जुलाई बारिश की दृष्टि से सामान्य गुजरा है। बारिश की मात्रा गतवर्ष जुलाई की तुलना में बहुत कम रही। यह बात अलग है कि जून की बारिश की मात्रा को मिलाकर औसत गतवर्ष से ज्यादा हो रहा है।
जिला मुख्यालय में जुलाई में 231 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई। कुल 25 दिन बारिश के रहे। जुलाई शुरू होते ही बारिश की रफ्तार में अपेक्षाकृत कमी आ गई। जिला मुख्यालय में सिंचाई विभाग के वर्षामापी यंत्र ने इस महीने गतवर्ष की तुलना में कम वर्षा रिकार्ड की। जुलाई 2012 में 428 मिलीमीटर वर्षा हुई थी। इस बार यह मात्रा 197 मिलीमीटर कम रही। यह बात अलग है कि जून में मात्र 15 दिनों में ही इस बार 364 मिलीमीटर वर्षा हो गई थी। पिछले साल जून में मात्र 16 मिलीमीटर वर्षा हुई।
मौसम विभाग का मानना है कि मानसून की बारिश का संबंध भी नमी से रहता है। जिन स्थानों पर नमी की मात्रा अच्छी होगी वहां बारिश की रफ्तार तेज हो जाएगी। इसके अलावा भौगोलिक स्थिति भी अच्छी और भारी बारिश में सहायक रहती है।
चंपावत जिले में वार्षिक औसत वर्षा 1600 मिलीमीटर होती है। इसमें से 1200 मिलीमीटर वर्षा मानसून सीजन में होती है। अब तक 595 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है। यदि मानसून की सक्रियता ठीक बनी रही तो अभी कम से कम 600 मिलीमीटर वर्षा और होनी चाहिए। मानसून के अभी 45 दिन शेष हैं। मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक डा. आनंद शर्मा का कहना है कि स्थानीय परिस्थितियां भी वर्षा की गति को प्रभावित करते हैं। गतवर्ष चंपावत में औसत से 27 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। इसी कारण अक्तूबर के बाद सूखे की स्थिति सामने आने लगी थी।
