अब घंटों में बंधी डाक कांवड़ियों की भीड़

हरिद्वार। शुक्रवार को श्रावण मास के पैदल कांवड़ियों की आखिरी सबसे बड़ी खेप गंतव्यों के लिए रवाना हो गई। पूरी रात राष्ट्रीय राजमार्ग पर कांवड़ियों की वापसी रही। चूंकि तमाम कांवड़िए राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गए हैं, अत: नहर पटरी मार्ग करीब-करीब खाली नजर आ रहा है। समीपवर्ती जिलों से बड़ी संख्या में कांवड़ियों का आगमन हो गया है। इसी के साथ घंटों में निबद्ध डाक वाहन भी बहुत बड़ी संख्या में दिन-रात पहुंच रहे हैं।
कांवड़ियों की आखिरी बड़ी वापसी बीती शाम शुरू हुई और शुक्रवार को दिनभर चलती रही। अब हरिद्वार में निकटवर्ती बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर आदि जनपदों के पैदल कांवड़िए शेष रह गए हैं। इन जनपदों से बड़ी संख्या में पैदल कांवड़ियों का आगमन भी हो रहा है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली से दुपहिया और चौपहिया वाहनों में डाक कांवड़िए लगातार आ रहे हैं। कांवड़ें घंटों में निबद्ध हैं। वाहनों पर 60 घंटे, 55 घंटे, 50 घंटे, 40 घंटे आदि के बैनर लटके हुए हैं। जितना समय कांवड़ियों ने लिखा है, उतने समय में उन्हें वापस लौटना पड़ेगा। अब अगले दिनों में 48, 36 और 24 घंटों की कांवड़ आने वाली है। डाक वाहनों का आगमन जारी है और वापसी भी उसी गति से हो रही है। बड़ी संख्या में बाइकों और स्कूटरों पर कांवड़िए जल भरने के लिए पहुंच रहे हैं। हरिद्वार प्रशासन ने डाक वाहनों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए हरकी पैड़ी से सटे नगर को पूरी तरह सुरक्षित कर लिया है। किसी भी डाक वाहन को मुख्य नगर में प्रविष्ट नहीं होने दिया जा रहा है। डाक वाहनों को बैरागी द्वीप के साथ गंगा पार के द्वीपों पर भेजा जा रहा है। नगर में आवागमन केवल पैदल कांवड़ियों के लिए बनाए रखा गया है।

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