36 घंटे अंधेरे में डूबा रहा गंगोत्री धाम

उत्तरकाशी। प्रशासन के साथ भुगतान को लेकर हुए विवाद के चलते ठेकेदार ने गंगोत्री धाम में लगाई गई उरेडा की परियोजना को बंद कर दिया। जिस कारण गंगोत्री धाम करीब 36 घंटे तक अंधेरे में डूबा रहा। शुक्रवार की देर शाम अधिकारियों ने ठेकेदार को मनाकर दोबारा प्रोजेक्ट शुरू कराया तब धाम दोबारा जगमगा गया। आपदा के 48 दिन बाद भी यहां रसद और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति नहीं होने से तीर्थ पुरोहितों सहित करीब दो सौ लोग काफी संकट में जी रहे हैं।
बृहस्पतिवार को गंगोत्री की उरेडा की ओर से प्रदान की गई विद्युत आपूर्ति भी बंद कर दी गई। बताया गया कि उरेडा के जिस प्रोजेक्ट से यह बिजली आ रही थी भुगतान को लेकर अधिकारियों के साथ हुए विवाद के चलते ठेकेदार ने उस प्रोजेक्ट को बंद कर दिया। यह प्रोजेक्ट यात्रा सीजन के लिए विशेष रूप से लगाया जाता है। उरेडा की परियोजना अधिकारी वंदना सिंह ने बताया कि शुक्रवार को ठेकेदार को समझाकर बिजली आपूर्ति यहां दोबारा शुरू करा दी है।
गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने सरकार पर धाम और यहां रह रहे लोगों की उपेक्षा का आरोप लगाया है।

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