
चौखुटिया। ग्राम पंचायत खीड़ा के अंतर्गत ठुलढूंगा में खजुरानी को जोड़ने वाली पैदल पुलिया बहने से ग्रामीणों के साथ ही स्कूली बच्चों के लिए भी समस्या पैदा हो गई है।
खजुरानी के तल्ला गजार के द्वारढक्का पर स्थित पैदल मार्ग विगत दिनों ही बह गया था। उक्त मार्ग के बहने के बाद स्कूली बच्चे और ग्रामीण कुछ दिनों से जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे थे। इधर ठुलढूंगा में स्थित पैदल पुलिया बहने से ग्राम पंचायत खजुरानी के साथ ही खीड़ा के एक हिस्से में रहने वाले ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के लिए आवाजाही की समस्या पैदा हो गई है। जीआईसी खीड़ा में पढ़ने वाले खजुरानी अंतर्गत तल्ला गजार के बच्चे दो दिन से स्कूल नहीं आ पाए हैं। जबकि खीड़ा के अंतर्गत उखलियां के बच्चे चार किलोमीटर का जोखिम भरा रास्ता पार करने के बाद स्कूल पहुंच रहे हैं।
इस बीच ब्लाक द्वारा द्वारढक्का पर पैदल मार्ग का निर्माण भी शुरू कर दिया गया था। यह निर्माणाधीन मार्ग फिर बह गया है। इधर ग्राम विकास अधिकारी त्रिलोक सिंह बिष्ट ने मौका मुआयना करने के बाद बताया कि बिमोली नदी उफान पर है लिहाजा तुरंत कार्य शुरू करना संभव नहीं है। खजुरानी के प्रधान नरेंद्र सिंह, बीडीसी सदस्य माधोसिंह नेगी, खीड़ा के प्रधान गोविंद राम और बीडीसी सदस्य तुलसी देवी आदि ने यथाशीघ्र दूसरी पुलिया बनाने की मांग की है। उधर खजुरानी के बीडीसी सदस्य माधोसिंह ने डीएम को भेजे ज्ञापन में कहा है कि भारी बारिश से खजुरानी-पाखाखरक और पाखाखरक और चनौला के बीच गधेरों में बने लकड़ी के पुल बह गए हैं। जिससे बच्चों का स्कूल जाना बंद हो गया है। तल्ला गजार की पुलिया बहने के कगार पर है। जबकि कुशल सिंह और दीवानसिंह के मकान और गोशाला टूटने की स्थिति में हैं। खजुरानी में मोहन सिंह बिष्ट और प्रेमसिंह के मकान के पीछे मलबा आने से मकान कभी भी ढह सकता है। पूरे क्षेत्र के संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। ज्ञापन में खीड़ा और मल्ला गजार में बही पुलिया निर्माण शीघ्र करने की मांग की गई है।
