उत्पादन बढ़ाने को छोटे किसानों पर है फोकस

चौखुटिया। जड़ी-बूटी शोध और विकास संस्थान गोपेश्वर के निदेशक एचआर आर्य ने कहा है कि प्रदेश में छोटे किसानों की संख्या ज्यादा है इसलिए संस्थान का पूरा फोकस छोटे किसानों पर है। ऐसे किसानों को प्राथमिकता के आधार पर पांच नाली भूमि में नि:शुल्क पौध लगाने और अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। अल्मोड़ा जिले में भी 80 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पौध उपलब्ध कराए जाएंगे।
अमर उजाला से एक भेंट में उन्होंने कहा कि कीड़ा जड़ी की तस्करी रोकने के लिए संस्थान जल्द ही प्रशासन और वन विभाग के साथ मिलकर कार्य योजना बनाएगा। शासन को इसका ड्राफ्ट बनाकर भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि तेजपात, चंदन और कुटज सहित छह प्रजातियों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जड़ी-बूटियों का उत्पादन बढ़ाने के इच्छुक काश्तकारों के चयन के लिए ब्लाक स्तर शिविर लगाए जाएंगे। शिविरों में वैज्ञानिक काश्तकारों को कृषिकरण से संबंधित तकनीकी जानकारियां दी जाएगी। उन्होंने बताया कि चौखुटिया और द्वाराहाट में सितंबर में शिविर लगाए जाएंगे।

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