बुरे फंसे अनुराग ठाकुर

बुरे फंसे अनुराग ठाकुर

शिमला: दि होटल पैवेलियन मामले में हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष व भाजपा सांसद बुरी तरह फंस गए हैं। उपरोक्त मामले में स्टेट विजीलैंस द्वारा जिन धाराओं को आधार बना कर अनुराग के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज की गई है उससे न केवल उनकी छवि खराब हुई है बल्कि उनका राजनीतिक करियर भी दाव पर लग गया है।

एफ.आई.आर. में दर्ज धाराओं के मुताबिक अगर अनुराग दोषी सिद्ध होते हैं तो उन्हें न केवल जेल जाना पड़ेगा बल्कि क्रिकेट एसोसिएशन की सरदारी से भी हाथ धोना पड़ सकता है। एफ.आई.आर. में जो धाराएं उनके खिलाफ दर्ज हैं उनके तहत दोषी को कम से कम 6 माह और ज्यादा से ज्यादा उम्रकैद तक की सजा हो सकती है, ऐसे में उनके राजनीतिक सफर को भी विराम लग सकता है। इस बीच प्रदेश उच्च न्यायालय ने पूर्व मंत्री किशन कपूर के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर जांच के आदेश दिए। मुख्य न्यायाधीश ए.एम. खानविलकर व न्यायाधीश वी.के. शर्मा की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि पुलिस अधीक्षक के ओहदे वाले पुलिस अधिकारी मामले की जांच करें।

एफ.आई.आर. धारा 406, 420 व 120 के तहत दर्ज हुई है। स्टेट विजीलैंस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। इन धाराओं के तहत दोषी के खिलाफ निम्न कार्रवाई हो सकती है:

1. धारा-406 :अमानत में खयानत
सजा: 3 साल तक सजा व जुर्माना हो सकता है।
2. धारा-420 : धोखाधड़ी
सजा : 7 वर्ष की सजा व जुर्माना।
3. 120 बी :आपराधिक षड्यंत्र
सजा : अपराध साबित होने पर उम्रकैद से लेकर 6 माह तक की सजा व जुर्माना
13 (2) पी.सी.: भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम
सजा: इसमें अपराध साबित होने पर 5 व 7 साल तक की सजा हो सकतीहै।

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