
नई दिल्ली: गुजरात में दशकों से बसे पंजाब के सिख किसानों को बेदखल करने और पंजाब वापस जाने का चौंतरफा विरोध शुरू हो गया है। सिख संगठनों ने इसके लिए सीधे तौर पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ ही ताल ठोंक दी है। साथ ही अल्टीमेटम दिया है कि दिल्ली सहित एन.सी.आर. में नरेंद्र मोदी जब भी दौरा करेंगे, सिख संगठन उनका काले झंडे दिखाकर विरोध करेंगे। सिख संगठन मोदी के खिलाफ विरोध की शुरूआत भी सोमवार से करेंगे।
सोमवार को नई दिल्ली स्थित गुजरात भवन के बाहर सैंकड़ों सिख समाज के लोग धरना प्रदर्शन करेंगे। यह ऐलान कल यहां नई दिल्ली में शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली) के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने किया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए सरना ने कहा कि अगर मोदी सरकार अपना तुगलकी फैसला वापस नहीं लेती है तो सिख समुदाय मोदी का खुला बायकाट करेगा। उन्होंने कहा कि जब बंजर जमीन थी तब पंजाब के सिख किसानों को वहां ले जाकर बसाया गया और अब जब जमीन पर खेती होने लगी तो किसानों को भगाया जा रहा है।
