शीतकालीन स्कूलों में पुराना शेड्यूल लागू हो

बरोट (मंडी)। चौहारघाटी एवं छोटा भंगाल क्षेत्रों में शिक्षा सत्र में बदलाव के चलते बच्चों के अभिभावकों और पंचायत प्रतिनिधियों ने विभाग के प्रति रोष जताया है। इनका कहना है कि शीतकालीन स्कूलों में आयोजित होने वाली वार्षिक परीक्षाएं पुराने शेड्यूल के अनुसार दिसंबर माह में ली जाएं।
बरोट स्कूल के एसएमसी अध्यक्ष एवं बरोट पंचायत के कार्यवाहक प्रधान चमेल सिंह, जिला परिषद सदस्यऋषि राज ठाकुर, शारदा देवी सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि शिक्षा विभाग के पुराने शेड्यूल में चौहारघाटी और छोटा भंगाल क्षेत्रों के शीतकालीन स्कूलों की वार्षिक परीक्षाएं दिसंबर माह में करवाई जाती थीं। लेकिन, विभाग के नए शेड्यूल के मुताबिक यह परीक्षाएं मार्च माह में ली जा रही हैं। जिससे स्कूली बच्चों को परेशानियों से जूझना पड़ता है। उक्त लोगों ने बताया कि मार्च माह में क्षेत्र में बर्फबारी के चलते बच्चों को मीलों का सफर तय कर परीक्षाएं देनी पड़ रही हैं। मार्च माह के दौरान घाटी में भारी बर्फबारी होती है। स्कूली बच्चों को पहाड़ी रास्तों से होकर बर्फबारी में चलना मुश्किल हो जाता है। जिसके चलते कई बार बच्चों के साथ दुर्घटनाएं भी घटित हो जाती हैं। उक्त लोगों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि चौहारघाटी और छोटा भंगाल क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए वार्षिक परीक्षाएं पूर्व की भांति दिसंबर माह में ही ली जाएं।

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