
कोटद्वार। राजकीय बालिका इंटर कालेज में सरकारी साइकिलों के वितरण चर्चा में है। इन साइकिलों में स्टैंड, घंटी और ताला नहीं लगा था। विद्यालय का कहना था कि इसमें हमने कैरियर लगवाया है। शुक्रवार को एक छात्रा को दी गई साइकिल का रास्ते में उसका कैरियर टूट गया।
जीजीआईसी से मिल रही साइकिल लोगों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है। कई छात्राएं साइकिल में स्टैंड, लॉक और घंटी नहीं होने से उनको विद्यालय भी नहीं ले जा रही हैं। इससे भी बड़ी दिक्कत यह कि साइकिल खड़ी कहां की जाए। शुक्रवार को एक छात्रा साइकिल मिली, वह उसे घर ला रही थी, उसने एक छोटी बच्ची को उसके पीछे कैरियर पर बिठा रखा था। रास्ते में कैरियर तिरछा हो गया और बच्ची नीचे गिर गई। हालांकि बच्ची को कोई चोट नहीं लगी। इस बारे में सीईओ ललित मोहन चमोला का कहना है कि बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए यह योजना चलाई गई है। साइकिल पूरी मिलनी चाहिए। यदि साइकिल में कमी है तो उसकी जांच कराई जाएगी। अभिभावक यदि महंगी साइकिल खरीदना चाहे तो वह उसमें अपने पैसे लगा सकते हैं।
