घर छोड़कर दूसरे गांवों में शरण लिए हैं ग्रामीण

कर्णप्रयाग। स्वर्का गांव के चार परिवार लंगासू गांव में शरण लिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भू-धंसाव से उनके मकानों में दरारें आ गई है। गांव में कोई सुरक्षित स्थान नहीं होने की वजह से ग्रामीण पलायन को मजबूर हैं।
बदरीनाथ हाईवे पर लंगासू से तीन किमी पैदल दूरी पर बसा गांव स्वर्का के ग्रामीण भू-स्खलन से भयभीत हैं। ग्रामीण टीका प्रसाद मैखुरी, हरीश मैखुरी, मनोज मैखुरी, शांति प्रसाद मैखुरी ने बताया कि उनके आवासीय भवनों पर दरारें आ गई है। ऐसे में वे अब लंगासू में शरण लिए हुए हैं। वहीं नौली (हिंडोली) गांव के चंद्र सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार रात्रि की बारिश से जय सिंह रावत, मनोज पंत और आनंद सिंह का भवन क्षतिग्रस्त हो गया है। जबकि सत्य प्रसाद, शिव सिंह, चंद्र सिंह, मोहन सिंह, मनोज रावत, रघुनाथ सिंह का मकान खतरे की जद में है। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि लगातार सूचना देने के बाद भी गांव में न तो विधायक पहुंच रहे हैं और न अधिकारी। वहीं नगर मुख्यालय पर बहुगुणा नगर में गब्बर सिंह का आवासीय भवन पूरी तरह चटक गया है। प्रभावित परिवार ने बारात घर पर शरण ले रखी है।

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