
बद्दी (सोलन)। संसदीय सचिव राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश में मौजूद जैव संसाधनों के संरक्षण और संवर्धन के लिए पंचायत स्तर पर प्रबंधन समितियों का गठन किया जाएगा। यह समितियां अपने क्षेत्र में मौजूद जैव संसाधनों का पता लगाकर इनके सही इस्तेमाल व रखरखाव के लिए कार्य करेंगी। पर्यावरण मित्र उद्योगों को टैक्स में छूट देने का प्रावधान होना चाहिए। वहीं अधिक प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को पर्यावरण संतुलन करने के लिए उतने ही पेड़ लगाने को कहा जाना चाहिए। अभी तक वन महोत्सव के दौरान लगाए गए पौधा रोपण भी जांच की जाएगी।
वे बद्दी में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मौजूद जैव विविधता व संसाधनों के सही प्रबंधन के लिए जिला व प्रदेश स्तर पर भी प्रबंधन समितियों का गठन किया जाएगा। ये समितियां जैव विविधता व संसाधनों का पता लगाने के लिए गांव के बुजुर्गों के ज्ञान का भी लाभ उठाएंगी। साथ ही साथ समितियों के सदस्यों को जैव विविधता के संबंध में जागरूक भी किया जाएगा। यह समितियां पंचायतों की आय में वृद्धि करने में भी सहायक होंगी। वन सरोवर योजना के तहत प्रदेश के जंगलों में जल स्रोतों का विकास किया जाएगा, साथ ही बंदरों आदि जंगली जानवरों को जंगलों में सीमित रखने के लिए वनों में फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं। प्रदेश भर में चले पौधारोपण अभियानों के दौरान लगाए गए पौधों के बचाव और उनकी स्थिति के बारे में पता लगाया जाएगा।
