
शिमला। संजौली कॉलेज में पिछले दिन शिक्षकों और छात्रों के बीच हुई धक्का-मुक्की की घटना के बाद दूसरे दिन भी जमकर हंगामा हुआ। कॉलेज को बंद किए जाने का विरोध कर रहे एसएफआई और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।
छात्र संगठनों का दावा है कि इसमें दर्जनों कार्यकर्ताओं को को चोटें आई हैं। आरोप है कि पुलिस ने राह चलते युवकों और युवतियों पर लाठियां भांज दीं। छात्र संगठनों का आरोप है कि संजौली चौक पर भी पुलिस ने पहुंच कर कार्यकर्ताओं को भगाया। कुछ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी किया। इस घटना के बाद परिसर को खाली करवा दिया गया। कक्षाएं बंद रखी गईं।
जानकारी के अनुसार सुबह करीब साढ़े 11 बजे जानकारी के अभाव में छात्र कॉलेज पहुंचे थे। परिसर में पुलिस जवान थे। इस बीच एसएफआई और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज गेट के बाहर कॉलेज बंद किए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर दिया। इस पर पुलिस ने दोनों संगठनों के दो-दो नेताओं को अंदर बुलाया। इस पर एसएफआई और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के बीच छात्र नेताओं को गिरफ्तार करने की चर्चा फैल गई। फिर पुलिस ने दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन समाप्त कर वहां से चले जाने को कहा। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने जब इसका विरोध किया तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। आरोप है कि करीब एक दर्जन से अधिक पुलिस जवानों ने एसएफआई कार्यकर्ताओं को आईजीएमसी तक दौड़ाया। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं को संजौली चौक की ओर भगाया। आरोप है कि इस दौरान राह चलते लोगों को भी नहीं बख्शा गया।
आरोप है कि पुलिस ने संजौली की ओर से माल रोड अपने काम से जा रहे एक युवक पर भी लाठियां बरसा दीं। इसी बीच आरकेएमवी में कक्षाएं लगाने जा रही एक छात्रा को भी पीटा गया।
शांतिपूर्ण ढंग से कर रहे थे प्रदर्शन : एनएसयूआई
एनएसयूआई के इकाई अध्यक्ष ईशान शर्मा और उपाध्यक्ष आशीश, शिवानी का आरोप है कि पुलिस ने शांतिपूर्ण ढंग से कक्षाएं लगाने की मांग को लेकर गेट के बाहर प्रदर्शन कर कार्यकर्ताओं पर बिना चेतावनी लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज में एनएसयूआई के एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं। पूर्व इकाई उपाध्यक्ष कमल शर्मा को जमकर पीटा गया। चोटिल कार्यकर्ताओं ने अखिल, ईशान, विनेश, ईतिश और तनु आदि शामिल हैं। छात्रा कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने नहीं बख्शा। इस घटना के बाद जिला अध्यक्ष अरविंद धीमान की अगुवाई में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स से शिकायत की गई। धीमान ने कहा कि मुख्यमंत्री ने एसपी शिमला को मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं।
हल्का बल किया प्रयोग : एसपी
पुलिस अधीक्षक अभिषेक दुल्लर ने कहा कि संजौली कॉलेज के प्रिंसिपल ने उन्हें सूचना दी कि कॉलेज में कुछ बाहरी तत्व आकर शैक्षणिक माहौल खराब कर रहे हैं। वे कक्षाएं नहीं चलने दे रहे। शुक्रवार को जब पुलिस टीम कॉलेज भेजी गई तो कुछेक ने जवानों पर पथराव शुरू कर दिया। इसमें दो कांस्टेबल जख्मी हो गए। माहौल को बिगड़ता देख पुलिस ने हुड़दंगियों पर हल्का बल प्रयोग किया। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ थाना सदर में मुकदमा कायम किया गया है।
मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश
इस पूरे प्रकरण की निष्पक्षता से छानबीन के आदेश मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पुलिस प्रशासन को दिए हैं। 15 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपनी होगी। एसपी अभिषेक दुल्लर ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। इस बाबत सरकार की ओर से उन्हें निर्देश मिल चुके हैं।
उपायुक्त कार्यालय के बाहर एसएफआई का प्रदर्शन
शिमला। एसएफआई की राज्य कमेटी ने संजौली कॉलेज के बाहर प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज को साजिश करार दिया है। लाठीचार्ज के विरोध में उपायुक्त कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कि या। एसएफआई के राज्य इकाई अध्यक्ष कपिल भारद्वाज ने कॉलेज प्रशासन पर आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज साजिश है। उन्होंने दावा किया कि लाठीचार्ज में दस छात्राओं सहित 15 कार्यकर्ता घायल हुए हैं। शुक्रवार को लाठीचार्ज से पूर्व छात्र नेताओं को पहले बातचीत को बुलाया और फिर गेट पर प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कर दिया। एसएफआई के जिला अध्यक्ष प्रेम कायथ, पवन शर्मा और नगीन शर्मा को महिला पुलिस अधिकारी ने बातचीत को बुलाया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। प्रदेश सरकार आरोपी शिक्षकों और प्राचार्य का तुरंत तबादला करे। गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं को जल्द रिहा किया जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो शहर के सभी कॉलेजों के कार्यकर्ता शनिवार को संजौली कॉलेज का घेराव करेंगे।
