
नेरचौक (मंडी)। बल्हघाटी में बारिश से फिर भारी नुकसान हुआ है। वीरवार रात्रि मूसलाधार बारिश से सड़कें तरबतर हो गईं। दर्जनों घर एवं दुकानाें में पानी भर गया। सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। घाटी का समतल भू-भाग जलमग्न हो गया। इस बीच चार दर्जन परिवाराें के लिए पीने के पानी का संकट भी पैदा हो गया है। बारिश ने बल्हघाटी में जगह-जगह जमकर कहर बरपाया। घाटी के नेर ढांगू में मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। डडौर-ढांगू सड़क पहले से ही अवरुद्ध चल रही थी। वीरवार रात्रि भारी बारिश से बीडीओ कार्यालय से नेर-ढांगू सड़क पूरी तरह ठप पड़ गई है। नेर पंचायत प्रधान के घर के ठीक सामने सड़क पर करीब 10 फुट गहरा तथा 5 फुट चौड़ा गड्ढा पड़ गया है। इस सड़क पर 5 ट्रैक्टर, 4 थ्री व्हीलर तथा करीब एक दर्जन कारें फंसी हुई हैं। समस्या यही नहीं है, नेर घाटी के तीन नालों का पानी इकट्ठा होकर नीचे कोहराम मचा रहा है। घाटी के साथ बह रही सुकेती ने साथ लगते खेतों में बोई फसल को तबाह कर दिया है। नेरचौक-रति सड़क पर दर्जनाें दुकानाें में पानी घुस गया। लोनिवि की नालियों में मिट्टी भर गई। इसके बाद अवरुद्ध पानी सीधा सड़कों, घरों तथा दुकानाें में घुस गया। नागचला में हनुमान मंदिर में पानी तथा मलबा घुस गया। मैरामसीत में प्याऊ जलस्रोत का पानी गंदा हो गया है। जिससे चार दर्जन परिवाराें को पेयजल की मुसीबत पैदा हो गई है। पूर्व प्रधान कृष्ण चंद, ठाकुर सिंह, काकू राम, लेखराज, राज कुमार, सुरेंद्र, विरेंद्र, सुरेंद्र पाल, जसवंत, नानक चंद, केशव कथानिया, दास राम, प्रेम लाल, कमला, ललिता, बिमला आदि ने बताया कि घाटी में बारिश से भारी तबाही हुई है। उनका बल्ह घाटी से यातायात संपर्क टूट गया है। इधर, एसडीओ आरएल चौहान का कहना है कि नेर-ढांगू सड़क में बड़ा गड्ढा बन गया है। सड़क की साइड फीलिंग ढह गई है। मंगलवार तक सड़क को अस्थाई तौर पर वाहन चलने योग्य बना दिया जाएगा।
