
बिलासपुर। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अमन सूद की अदालत ने मारपीट के एक मामले में पांच को एक-एक साल के कठोर कारावास तथा पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में अभियुक्तों को तीन-तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।
सहायक लोक अभियोजक चंपा सुरील ने बताया कि 23 जनवरी, 2008 को बैहल गांव में मेले और दंगल का आयोजन किया गया था। वहां लोगों ने छोटी-छोटी दुकानें लगा रखी थीं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पंचायत द्वारा एक स्थानीय कमेटी बनाई गई थी, जिसमें नरेश, दर्शन सिंह, राजकुमार व जयपाल शामिल थे। मेले के दौरान बैहल निवासी नरेश, सुखदेव उर्फ सोनू, राजेंद्र, परमजीत उर्फ रानू तथा काहीवाल (आनंदपुर) का नंदलाल वहां आए। उन्हाेंने मेले में आए लोगों तथा दुकानदारों से दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया। पंचायत द्वारा गठित कमेटी के सदस्यों ने उक्त लोगाें को माहौल बिगाड़ने से रोकने का प्रयास किया। मेला खत्म होने के बाद रात करीब साढ़े आठ बजे नरेश घर वापस जा रहा था। मेले में खलल डालने वाले लोग रास्ते में झाड़ियों में छिपे हुए थे। उन्हाेंने नरेश पर हमला कर दिया। जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। नरेश की शिकायत पर कोट थाना में मामला दर्ज हुआ था।
शुक्रवार को सीजेएम अमन सूद की अदालत ने एक साल के कठोर कारावास व दो-दो हजार रुपये जुर्माने, 323 के तहत एक साल के कठोर कारावास व एक-एक हजार रुपये जुर्माने, 341 के तहत एक माह के साधारण कारावास तथा 506 के तहत छह माह के साधारण कारावास व दो-दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
