
नूरपुर (कांगड़ा)। किराये के भवनों में चल रहे विभिन्न सरकारी कार्यालयों को जल्द नए मिनी सचिवालय में एक अदद सरकारी छत मिलने की उम्मीद बंधी है। 4.73 करोड़ से बनने वाले निर्माणाधीन मिनी सचिवालय के शेष बचे कार्य को पूरा करने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। लोनिवि ने अगले तीन माह में निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इससे नूरपुर क्षेत्र की जनता को एक ही छत के नीचे सभी सरकारी विभागों के दफ्तरों की सुविधा मिलेगी।
इस मिनी सचिवालय में विभिन्न 19 सरकारी विभागों के दफ्तर शिफ्ट करने की योजना है। इनमें से करीब एक दर्जन सरकारी दफ्तर किराये के भवनों में चल रहे हैं। 13 अगस्त 1996 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पहली बार पुराने अस्पताल परिसर में नींव पत्थर रखा था। लेकिन मिनी सचिवालय के निर्माण स्थल पर शहरवासियों की सहमति न बनने के कारण लगभग दस साल तक इसका निर्माण कार्य फाइलों से आगे नहीं सरक पाया। खैर, लंबी जद्दोजहद के बाद जुलाई 2007 में मिनी सचिवालय का निर्माण शुरू हुआ, लेकिन जुलाई 2010 में पुरातत्व विभाग ने मिनी सचिवालय का काम बंद करवा दिया। सितंबर 2012 में पुरातत्व विभाग की मंजूरी तो मिल गई, लेकिन इसकी रिवाइज्ड कॉस्ट बढ़ने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। लोनिवि के एक्सईएन इंद्र सिंह ने बताया कि शेष बचे निर्माण कार्य को तीन माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
एक छत के नीचे होंगे 19 विभागों के दफ्तर
इस चार मंजिला भवन की ग्राउंड फ्लोर में तहसीलदार, नायब तहसीलदार कार्यालय व कोर्ट के अलावा एसडीएएमओ और ट्रेजरी आफिस होगा। फर्स्ट फ्लोर में एसडीके रिलीफ ब्रांच, एसडीपीओ, ईटीओ, लाइसेंसिंग आफिस व मीटिंग हाल होगा। सेकेंड फ्लोर में तहसील वेलफेयर, लेबर इंस्पेक्टर, एडीओ हार्टीकल्चर, सीडीपीओ, एडीओ एग्रीकल्चर, एपीआरओ, इंस्पेक्टर फूड एंड सप्लाई, इंप्लायमेंट एक्सचेंज का दफ्तर होगा। तीसरी मंजिल पर भू-संरक्षण अधिकारी, एग्रीकल्चर, सीडीपीओ स्टोर, रिकार्ड रूम (जीआरआर), जनरल रिकार्ड व कैशियर का दफ्तर होगा।
