ग्रामीणों ने किया मनणा बुग्याल की ओर प्रस्थान

अगस्त्यमुनि। रांसी के ग्रामीणों ने संपूर्ण उत्तराखंड की कुशलता की कामना लिए राकेश्वरी मंदिर में मां भगवती मनणा की चल विग्रह डोली लेकर मनणा बुग्याल की ओर प्रस्थान किया है।
मनणा माई जात में चल रहे रविंद्र भट्ट, देवेंद्र पंवार ने बताया कि अब मां मनणा ही केदारघाटी को दुख विपदा से उबारेगी। इसके लिए विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। मनणा माई को मिलने पहुंचे रांसी, गौंडार और उनियाणा के ग्रामीणों ने पारंपरिक जागरों से देवी की भावपूर्ण स्तुति कर उत्तराखंड आपदा थामने की प्रार्थना की है।
मद्महेश्वर घाटी में प्रतिवर्ष श्रावण मास के प्रथम सप्ताह पांच दिवसीय मनणा माई जात का आयोजन किया है। 39 किमी में फैले बुग्याल में मां मनणा का प्राचीन मंदिर है।
बुधवार शाम को रांसी के पुजारियों द्वारा राकेश्वरी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना कर मनणा माई की मूर्ति और रांस माई की चांदी की दो रूपछड़ियों के साथ आचार्य, पुजारी, लिखवार, तमेर, फुलारी और जातरी के साथ जातयात्रा ने प्रस्थान किया। तीन दिन की यात्रा के पश्चात मां की यात्रा रांसी मंदिर लौट आएगी।

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