प्रभावितों को थमाया बिना मुहर लगा चेक

कर्णप्रयाग। मंगलवार रात्रि बारिश ने दौड़ाया तो बुधवार को शरण और राहत पाने के लिए दौड़ते रहे। बृहस्पतिवार को राहत के नाम पर मिले चेक ने गांव से तहसील तक 15 किमी पैदल दौड़ाया। यह दौड़ यहीं नहीं थमी चेक क्लीयर नहीं होने पर बैंक से दुबारा तहसील कई बार दौड़ लगानी पड़ी। यही भुगत रहे हैं जेटी के प्रभावित परिवार।
मंगलवार रात्रि को जेटी गांव में बारिश के कहर से यहां के चार भवन जमींदोज हो गए थे, जिन्हें प्रशासन ने फौरी राहत के तौर पर बुधवार को आठ हजार के चेक दिए। उसके लिए भी ग्रामीणों को तीन किमी दूर कंडारा जाना पड़ा। किसी तरह चेक मिला, लेकिन बिना मुहर का। बृहस्पतिवार को तहसील पहुंचे प्रभावित विनोद सिंह नेगी, जगदीश सिंह और अमर सिंह ने बताया कि गांव का पांच किमी पैदल मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। किसी तरह जान जोखिम में रखकर चेकों में मुहर लगाने 15 किमी पैदल चलकर तहसील पहुंचे। उसके बाद चेक क्लीयर करने पीएनबी पहुंचे, तो यहां हस्ताक्षर मिलान न होने से बैंक अधिकारियों ने लौटा दिया। कारण तहसीलदार का तीन दिन पूर्व यहां से स्थानांतरण अन्यत्र हो गया और अन्य अधिकारी के हस्ताक्षर बैंक को नहीं पहुंचे। विनोद ने बताया कि बाद में फिर मीडिया के हस्तक्षेप के बाद प्रभावितों को राशि दी गई।

पूर्व में तहसीलदार के हस्ताक्षर से चेक निकालते थे। उनके स्थानांतरण के बाद अब एसडीएम मामले को देख रहे हैं। नए हस्ताक्षर बैंक को भेज दिए गए हैं। आज ही प्रभावितों को चेक का भुगतान बैंक द्वारा कर दिया जाएगा। -राकेश पल्लव, नायाब तहसीलदार कर्णप्रयाग।

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