बीआरजीएफ की योजनाएं न मिलने से प्रधान नाराज

चंपावत। पिछड़ा क्षेत्र विकास निधि (बीआरजीएफ) की मद की योजनाएं न मिलने से जिले के ग्राम प्रधान नाराज हैं। तीन दर्जन ग्राम पंचायतों के प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और ब्लाक प्रमुख ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा है कि यदि गांवों को बीआरजीएफ की योजना का पैसा नहीं दिया गया तो वह न्यायालय की शरण में जाने को बाध्य होंगे।
ग्राम प्रधानों का आरोप है कि बीआरजीएफ की मद से ग्राम पंचायतों और क्षेत्र पंचायतों को धनराशि का आवंटन नहीं किया जा रहा है। धन के वितरण में मनमानी की जा रही है। जबकि नियमानुसार हर ग्राम पंचायत को इस निधि का पैसा अनिवार्य रूप से आवंटित किया जाना था। प्रधानों के अनुसार बीआरजीएफ से काम के लिए हर ग्राम पंचायत की ओर से प्रस्ताव भी तैयार किए गए हैं लेकिन धव आवंटन के समय इन प्रस्तावों को दरकिनार कर दिया जाता है। इस मामले में जिले के प्रभारी मंत्री के रवैए पर भी नाराजगी जताई गई है।
प्रधानों ने कहा है कि बीआरजीएफ के धन आवंटन में पक्षपातपूर्ण रवैया समाप्त किया जाए। हर ग्राम पंचायत को मानक के हिसाब से विकास के लिए धन दिया जाए। यदि सरकार ने तत्काल कोई कदम नहीं उठाया तो प्रधान न्यायालय में रिट दायर करेंगे। प्रधानों ने बीआरजीएफ की नियमावली का अध्ययन किया है और धन आवंटन के मानकों की जानकारी हासिल की है।

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