
खटीमा। वन विभाग आरक्षित वन क्षेत्र के 18 हेक्टेयर से कब्जेदारों को हटाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए वन विभाग ने कब्जेदारों को नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो वन विभाग कार्रवाई करेगा। वन विभाग की इस कार्रवाई से कब्जेदारों में हड़कंप है।
वन क्षेत्राधिकारी टीएस शाही ने बताया कि नगर से सटे आरक्षित वन क्षेत्र के साल बोझी नंबर एक व दो के 18 हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग दो दर्जन से अधिक वन व्यवसायी 1980 तक लीज पर काबिज थे। वन विभाग ने 1980 के बाद इनकी लीज का नवीनीकरण नहीं किया। इसके खिलाफ वन व्यवसायी निहीत प्राधिकरण के पास गए और वाद दायर किया। निहीत प्राधिकरण ने इसे खारिज कर दिया। इसके बाद वन व्यवसायी अपर जिला न्यायालय में गए। बताया जाता है कि वहां भी उनकी अपील खारिज हो गयी। वन क्षेत्राधिकारी शाही ने बताया कि इसके बाद वन व्यवसायी हाईकोर्ट कोर्ट गए। जुलाई 2013 में हाईकोर्ट ने भी उनकी अपील को खारिज कर दिया। इसके बाद वन विभाग ने आरक्षित वन क्षेत्र के अतिक्रमणकारियों को चिह्नित कर उन्हें स्वयं अतिक्रमण हटाने को नोटिस जारी किए हैं। उप प्रभागीय वनाधिकारी राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 1980 के दौर तक लीज होल्डर रहे वन व्यवसायियों की आड़ में कई अवैध कारोबारियों ने भी वन भूमि पर कब्जा किया है। जिन्हें शीघ्र ही आरक्षित वन क्षेत्र खाली करने को नोटिस जारी किया गया है।
