भागीरथी की बाढ़ में उजड़ा नागेश्वर धाम

उत्तरकाशी। भागीरथी की बाढ़ के आगे तमाम तरह के सुरक्षा उपाय भी बेमानी साबित हो रहे हैं। नाकुरी स्थित नागेश्वर धाम बाढ़ में उजड़ने के बाद अब यहां खतरा और बढ़ गया है।
नाकुरी में स्नान घाट, शमशान घाट के साथ ही बरसाली गांव का पंचायत भवन तथा पौराणिक शिव मंदिर बना हुआ था। यहां हरियाणा के श्रद्धालुओं ने एक और मंदिर के साथ इसे नागेश्वर धाम के तौर पर विकसित किया था। अगस्त 2012 में भागीरथी की बाढ़ ने घाट समेत यहां तमाम सुरक्षा निर्माण ढहा डाले। सरकार की ओर से कोई सुरक्षा कार्य न होने पर स्थानीय लोगों एवं श्रद्धालुओं ने करीब तीस लाख रुपये लागत से यहां सुरक्षा कार्य कराने के साथ ही पुन: घाटों का निर्माण कराया था। लेकिन जून 2013 में आई बाढ़ घाट व सुरक्षा दीवार के साथ ही पंचायत भवन व मंदिर भी बहा ले गई। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता लोकेंद्र बिष्ट ने डीएम को लिखे पत्र में अवगत कराया कि अब यहां भागीरथी नदी से कटाव का खतरा और बढ़ गया है। उन्होंने समय रहते यहां सुरक्षा कार्य कराने तथा गांव के स्नान एवं शमशान घाट का निर्माण कराने की मांग की है।

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