30 पदों के लिए गृह रक्षकों की भर्ती 6 से

मंडी। गृह रक्षा छठी वाहिनी मंडी में 30 पुरुष गृह रक्षक स्वयंसेवकों के रिक्त पदों को भरने के लिए 6 अगस्त से प्रशिक्षण केंद्र जासन चैलचौक जिला मंडी में भर्ती आयोजित की जाएगी। गृह रक्षा छठी वाहिनी मंडी के आदेशक खेम सिंह ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया 6 अगस्त सुबह नौ बजे गठित बोर्ड की ओर से आरंभ की जाएगी। बताया कि गृह रक्षक वाहिनी मंडी कंपनी के तहत चालक के दो पद, जोगिंद्रनगर कंपनी के तहत चालक के दो पद तथा सामान्य श्रेणी के चार पद, थुनाग कंपनी के तहत चालकों के दो पदों को भरने के लिए भर्ती 6 अगस्त को होगी। जबकि सरकाघाट कंपनी के तहत चालक के दो पद, सामान्य श्रेणी के दो पद, करसोग कंपनी के तहत चालक के दो पद और सुंदरनगर कंपनी के तहत चालक के दो पद और समान्य श्रेणी के पांच पदों को भरने के लिए भर्ती 7 अगस्त को की जाएगी। गोहर कंपनी के तहत चालक के दो पद तथा समान्य श्रेणी के तीन पद व तकनीकी प्लाटून में चालक का एक पद तथा आर्मर के एक पद को भरने के लिए भर्ती 8 अगस्त को आयोजित की जाएगी। चालक के पद के लिए हैवी मोटर व्हीकल का लाइसेंस और दो साल का अनुभव अनिवार्य है। जबकि आर्मर के लिए सेना और अर्धसैनिक बल से जवान सेवानिवृत्त होना चाहिए तथा सेवाकाल के दौरान आर्मर कोर्स उत्तीर्ण किया हो। उम्मीदवार मंडी जिले का स्थायी निवासी होना चाहिए तथा कंपनी कार्यालय के 8 किलोमीटर के क्षेत्र के बीच का होना चाहिए। इच्छुक उमीदवार आवेदन पत्र स्थानीय गृह रक्षा कंपनी कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं तथा इसे पूर्ण रूप से भर कर 31 जुलाई तक संबंधित कंपनी कार्यालय में जमा करवाना अनिवार्य होगा। भर्ती के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता मैट्रिक पास होना जरूरी है। उम्मीदवारों को शारीरिक स्तर तथा ग्राउंड टेस्ट पास करना अनिवार्य होगा।

मकान गिराने की कार्रवाई को नप दोषी : भाकपा
मंडी। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की शहरी इकाई ने नगर परिषद के मकानों को तोड़ने की कार्रवाई के लिए नगर परिषद और अन्य विभागों को दोषी ठहराया। भाकपा की बैठक राज्य परिषद के सदस्य राज सिंह मंडयाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। उन्होंने कहा कि मंडी शहर के हर वार्ड में पार्षद मौजूद हैं। नगर परिषद के पास पूरा इंजीनियरिंग का स्टाफ है। इसके बावजूद नगर परिषद ने अवैध निर्माण होने से क्यों नहीं रोका। अब लोगों के आशियाने गिराए जाना इन अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिन्ह लगाता है। आल इंडिया ट्रेड यूनियन (एटक) के राज्य उपाध्यक्ष प्रकाश पंत ने कहा कि अगर शहर में तोडे़ जा रहे मकान अवैध हैं तो इन आशियानों को बिजली, पानी और सीवरेज के कनेक्शन कैसे दिए गए। इन अवैध निर्माणों के लिए सरकार के विभिन्न महकमे जिम्मेवार हैं। भाकपा ने मांग की है कि भूमिहीनों के आशियाने गिराए जाने से पहले इन्हें पुनर्वासित किया जाए।

Related posts