
शाहतलाई (बिलासपुर)। बाबा बालकनाथ की तपोभूमि शाहतलाई में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। हाल ही में यहां सरहयाली और दुग्ग खड्डों ने तांडव मचा दिया। हर बार खड्डों के चैनलाइजेशन की मांग उठती रही है। फिर भी कोई कदम नहीं उठाए गए।
सरहयाली व दुग्ग खड्डों के किनारे नगर पंचायत की पार्किंग, मैदान, शमशान घाट, आईपीएच की पेयजल योजना, कूड़ा संयंत्र प्रबंधन स्थल आदि को दिनों-दिन खतरा मंडराता जा रहा है। किसानों की हर वर्ष फसल इस बाढ़ की भेंट चढ़ रही है। कई बार तो बाढ़ के भयंकर प्रकोप से खड्डों के किनारे बने रिहायशी मकानों को भी खतरा पैदा हो जाता है। खड्डों का चैनलाइजेशन न होने से हर वर्ष लाखों का नुकसान बाढ़ से हो रहा है। इस समय भयंकर स्थिति यह बन गई है कि सरहयाली खड्ड के किनारे बनी पेयजल योजना, शमशान घाट तक पानी पहुंच गया है। लोगों के बार-बार मांग उठाने पर भी इन खड्डों में आई बाढ़ को रोकने के लिए जब तक चैनलाइजेशन नहीं किया गया तो बाबा जी की नगरी को भी खतरा हो सकता है। पूर्व मंदिर न्यासी मस्त राम शर्मा, ईश्वर दास शर्मा, किशोरी लाल शर्मा, जरनैल सिंह, सुशील कुमार, राजेश कुमार, चमन लाल, देवराज, देशराज ने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र इन खड्डों का चैनलाइजेेशन किया जाए। उधर, नगर पंचायत अध्यक्षा सरोज कुमारी, उपाध्यक्ष पवन कौशल ने कहा कि बाढ़ से बाबा जी की नगरी को नुकसान हो रहा है। नगर पंचायत ने भी राज्य सरकार के सहयोग से कें द्र सरकार के शहरी मंत्रालय से इन खड्डों के चैनलाइजेशन के लिए लगभग छह करोड़ रुपये मांगे हैं। प्रदेश के शहरी मंत्री सुधीर शर्मा से भी नगर पंचायत के एक प्रतिनिधि मंडल ने इस संबंध में मुलाकात की थी।
