
चंबा। मिंजर मेले के लिए पहली बार शुरू किए गए बोली सिस्टम के तहत पहले दिन प्रशासन ने 75 दुकानों का आवंटन कर दिया है। इससे जिला प्रशासन को 35 लाख के करीब आय हुई है। बाकी बची 137 दुकानों का आवंटन शुक्रवार को बोली के जरिये ही किया जाएगा। उधर, दुकानों का बोली के जरिये आवंटन बाहर से आए व्यापारियों को रास नहीं आ रहा है। इस पर पहले दिन अधिकतर व्यापारी बोली स्थल के पास हंगामा करते देखे गए। जिन व्यापारियों ने बोली मे हिस्सा लिया, उन्हें भी बाकी व्यापारियों के गुस्से का सामना करना पड़ा। वीरवार को एसडीएम बचन सिंह की अध्यक्षता में तहबाजारी कमेटी ने चौगान मे बनाई गई 212 दुकानों की बोली शुरू की। इस बार बोली के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं। इसके तहत बोली देने वाले दुकानदार को आईकार्ड जारी किया जाएगा। दुकानदार को इसे सबलैट करने की इजाजत नहीं होगी। इसके अलावा एक दुकान के एक से अधिक बोलीदाता होने पर दस हजार रुपये धरोहर राशि रखी जा रही है। इसे बाद में वापस किया जाएगा। सिर्फ सबलैट किए जाने पर इसे जब्त करने का प्रावधान है। व्यापारियों ने इस सिस्टम का भी जम कर विरोध किया। इस पर एसडीएम ने साफ कर दिया कि इस बार पहले जैसे नियम कायदे नहीं चलेंगे। लिहाजा दुकानें लेनी हैं, तो बोली सिस्टम के हिसाब से ही चलना होगा। इस दौरान व्यापारी प्रशासन से स्टाल के रेट कम करने और दुकानें लगाने की अवधि बढ़ाने की मांग भी कर रहे थे। एसडीएम ने कहा कि काफी मशक्कत के बाद व्यापार मंडल के सहयोग से मेला नौ जुलाई तक बढ़ाया गया है। इसके बाद किसी भी कीमत पर दुकानें नहीं लगेंगी। प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार एक दुकान का आवंटन 35 से 50 हजार रुपये में किया गया है। व्यापारी प्रशासन से 12 अगस्त तक दुकानें लगाने की अनुमति मांग रहे थे। एसडीएम चंबा बचन सिंह ने बताया कि बोली में काफी संख्या में व्यापारियों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से तय मूल्यों के आधार पर ही दुकानें आवंटित की हैं। उन्होंने कहा कि बाकी दुकानों का आवंटन जल्द किया जाएगा। इच्छुक दुकानदार इसके लिए बोली में भाग ले सकता है। सभी दुकानें आवंटित होने तक बोली जारी रहेगी।
