
नौहराधार (सिरमौर)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरिपुरधार में नियमित डाक्टर न होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यही कारण है कि समय-समय पर निश्चित उपचार नहीं मिलने के कारण तीमारदार भारी मुश्किलों में पड़ रहे हैं। बीते मंगलवार को हुए ताजा घटनाक्रम के चलते हरिपुरधार निवासी एक 18 वर्षीय युवती ममता पुत्री लायक राम को छाती में भारी दर्द होने के चलते नियमित एवं सुचारू उपचार नहीं मिल सका। मजबूरन परिजनों को उसे सोलन अस्पताल पहुंचाना पड़ा। स्थानीय ग्रामीण सही राम चौहान, भीम सिंह, बलबीर सिंह, रणदीप सिंह, जाति राम, दलीप सिंह आदि का कहना है कि बीती 4 मई को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने हरिपुरधार मेले के दौरान क्षेत्र की पीएचसी में नियमित चिकित्सक नियुक्त करने की बात कही थी, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो सका। पीएचसी हरिपुरधार से जिला शिमला की सीमा से लगते दर्जनों गांव तथा दो दर्जन पंचायतों के लोग स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेते हैं, मगर यहां कभी भी समय पर मरीजों तथा तीमारदारों को डाक्टर नहीं मिलते हैं। इस कारण लोगों को उपचार के लिए भारी पैसा खर्च कर नौहराधार, राजगढ़, संगड़ाह नाहन अथवा सोलन जाना पड़ता है। उधर, इस संबंध में बीएमओ संगड़ाह एनके भारद्वाज ने पीएचसी हरिपुरधार में डा. का पद खाली होने की पुष्टि करते हुए बताया कि यहां डाक्टर संगड़ाह से प्रतिनियुक्त किया गया है। खाली पड़े पदों के बारे में उच्च अधिकारियों को सूचित किया जा चुका है।
