नर्सिज का डीए बढ़ाने पर विचार

शिमला। 28 साल बाद स्टाफ नर्सिज की मांग पूरी हो सकती है। डाइट एनाउंस छह से बढ़ाकर पंद्रह रुपये प्रतिदिन करने पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही दुर्गम क्षेत्रों में सेवा देने वाली स्टाफ नर्सिज को भी डाक्टरों की तर्ज पर विशेष भत्ता मिलेगा। स्टाफ नर्सिज एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर से मिला। उनके सामने एक दर्जन मांगें रखी गईं।
आईजीएमसी स्टाफ नर्सिज एसोसिएशन की अध्यक्ष उर्मिल गुलेरिया ने कहा कि 1985 में कांग्रेस सरकार में ही डाइट एनाउंस तीन से छह रुपये हुआ था। तब से लेकर आज तक कई मर्तबा इसे बढ़ाने की मांग की गई लेकिन सभी ने अनसुना कर दिया। स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने उन्हें आश्वस्त किया है कि दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत स्टाफ नर्सिज को भी विशेष भत्ता मिलेगा। बीएससी नर्सिंग और जीएनएम स्टूडेंट को भी अन्य पैरा मेडिकल स्टूडेंट की तर्ज पर स्टाइफंड की मांग की गई। रोगी कल्याण समिति के तहत रखी जा रही स्टाफ नर्सिज को तीन साल के भीतर नियमित करने की मांग की गई। उर्मिल गुलेरिया ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री ने सभी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें जल्द पूरा करने के लिए आश्वस्त किया है। स्टाफ नर्सिज के लिए अलग से आईजीएमसी में आवासीय कालोनी के लिए जगह तलाशने को भी कहा गया है। इसी तरह जोनल, जिला और उपमंडल स्तर पर सरकारी आवास की व्यवस्था के लिए प्रयास किए जाएंगे। प्रतिनिधिमंडल में हेमलता शर्मा, आरडी नेगी, दिव्या, उषा, पुष्पा महाजन, वनीता थापा और उषा मेहता सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहीं। इस मौके पर स्टाफ नर्सिज एसोसिएशन अध्यक्ष ज्योति वालिया ने इन मांगों को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री का धन्यवाद भी किया।
उधर, कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार नर्सों के डाइट भत्ते को 6 से बढ़ाकर 18 रुपये प्रतिदिन करने पर विचार कर रही है। वार्ड प्रशासन में नर्सों के प्रशिक्षण को बहाल किया जाएगा। नर्सों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट को भी ऑनलाइन किया जाएगा। लाइट ड्यूटी के लिए चिकित्सा प्रमाण पत्र अब चिकित्सा बोर्ड की जांच के पश्चात जारी किया जाएगा और सरप्लस स्टाफ की तैनाती उन स्वास्थ्य संस्थानों में की जाएगी, जहां पद रिक्त हैं।

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