
शिमला। हिमाचल की जेलों में बंद कैदियों से संबंधित जानकारी अब एक क्लिक में मिल जाएगी। इसके लिए 98 प्रतिशत डॉटा तैयार हो चुका है। वेबसाइट की सिक्योरिटी क्लीयरेंस का तकनीकी कार्य भी अंतिम चरण में है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह जेल विभाग की वेबसाइट लांच करेंगे। कौन सा कैदी सजायाफ्ता है और कौन सा अंडरट्रायल। वे किस अपराध में सजा काट रहे हैं और कितने समय से जेल में हैं और कब सजा पूरी होनी है, कितने पैरोल पर हैं। हर तरह की सूचना एक क्लिक से मिलेगी। इसके अलावा जेल मैनुअल, कैदियों के अधिकार और विभाग संबंधी जानकारी भी साइट पर होगी। साथ ही प्रदेश की 14 जेलों में बंद 1886 कैदियों की सारी जानकारी आनलाइन उपलब्ध होगी। इनमें 951 सजायाफ्ता और 935 अंडर ट्रायल हैं। वेबसाइट लांच होने के साथ ही कैदियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग की तर्ज पर परिजनों से सीधे बात करने की सुविधा भी मिलेगी।
फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व
कैदियों से जेल में घर बैठे बात करने की सुविधा फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व के आधार पर मिलेगी। विभाग की लांच होने वाली साइट पर जिसकी रिक्वेस्ट ई-मेल पहले आएगी, उसे उसी के आधार पर कैदी विशेष से बाद करने के लिए समय दिया जाएगा।
रिकॉर्ड होगी सारी बात
कैदी और उसके परिजन के मध्य होने वाली सारी बातें रिकॉर्ड होंगी। जेल विभाग का कहना है कि सुरक्षा के मद्देनजर यह किया जाएगा। पासवर्ड क्रैक न हो, ई-मेल हैक न कर सकें, इससे संबंधित सुरक्षा इंतजाम भी पूरे कर दिए हैं।
कल मुख्य मंत्री करेंगे उद्घाटन
शुक्रवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सचिवालय स्थित कांफ्रेंस रूम में वेबसाइट लांच करेंगे। इस दौरान एडीजीपी जेल एसआर मरडी सहित विभाग के कई आला अधिकारी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम सुबह 10:30 पर शुरू होगा। इस दौरान कुछ कैदियों की उनके परिजनों से वेबकैम व स्काइप के माध्यम से सीधी बात करवाई जाएगी।
