प्रभावितों के प्रति सरकार गंभीर

कर्णप्रयाग। आपदा प्रबंधन एवं राजस्व मंत्री यशपाल आर्य ने कहा कि इस विनाशलीला से लोगों को उबरने में अधिकारियों की सारथी वाली भूमिका होनी चाहिए। अधिकारी क्षति के आंकलन के साथ ही पुनर्वास संबंधी कार्रवाई में तेजी लाए।
मंगलवार को ब्लाक सभागार में आयोजित अधिकारियों की बैठक लेते हुए आपदा प्रबंधन मंत्री आर्य ने कहा कि प्रदेश में आए जलप्रलय के चलते हजारों लोग बेघर हो गए हैं। कई काल के शिकार हो गए हैं। उनके परिवारों का पुनर्वास, रोजगार सहित अन्य जरूरी संसाधनों को जुटाने के लिए अधिकारियाें और कर्मियों का सहयोग अहम है। बैठक में जीतेंद्र कुमार ने पिंडर के कटाव से भवन को पूर्ण क्षति में रखने, सुरेंद्र कमांडर ने भवन क्षतिग्रस्त होने पर निरीक्षण तक न होने, बीरेंद्र सिंह ने बेनाप भूमि पर भवनों और दुकानों को मुआवजा देने, नंदप्रयाग के पूर्व अध्यक्ष चंद्रशेखर पल्लव ने मंदाकिनी के कटाव से बाजार को खतरा, रामणी के रणजीत सिंह ने घाट बाजार को खतरे की समस्या से अवगत कराया। नगर के कांता प्रसाद, नरेंद्र पाल, बृजेश बिष्ट, देवराज, अनिल खंडूरी आदि ने आपदा मंत्री को समस्याएं बताई। संचालन विधायक डा. एपी मैखुरी ने किया। इस मौके पर थराली के विधायक डा. जीतराम टम्टा, जिलाध्यक्ष कांग्रेस हरि सिंह, गौचर के नगर पंचायत अध्यक्ष मुकेश नेगी, एसपी अजय जोशी, एसडीएम राहुल गोयल, एनटी राकेश पल्लव सहित कई मौजूद थे।

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