‘मायावती ने अपने शासकाल के दौरान अराजकता का नंगा नाच किया’

‘मायावती ने अपने शासकाल के दौरान अराजकता का नंगा नाच किया’

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार और पूर्ववर्ती बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। मंगलवार को मायावती ने जब सपा पर हमला बोला तब कुछ समय बाद ही सपा की ओर से भी जवाबी प्रहार किया गया। सपा के कारागार मंत्री और प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘सावन के अंधे को सब हरा ही हरा दिखाई देता है’ और यही बात मायावती पर अक्षरश लागू होती है।

मायावती के शाब्दिक प्रहार से तिलमिलाई सपा ने भी मायावती पर जमकर शब्दवाण छोड़े। चौधरी ने कहा कि मायावती ने अपने शासकाल के दौरान अराजकता का नंगा नाच किया। उनके मंत्री और विधायक लूट में लगे रहे। खुद मायावती पार्कों, स्मारकों और पत्थरों की मूर्तियां लगाने के नाम पर सरकारी खजाना लूटती रहीं।

उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर न तो सड़क बनी, न ही पुल बने और न ही एक यूनिट बिजली उत्पादित हुई। उनकी आंखों ने जो तब देखा था वही उन्हें अब भी नजर आ रहा है। प्रदेश प्रवक्ता चौधरी ने कहा कि मायावती ने अपने समय में 500 गुंडे होने की बात स्वाकारी थी। आधे दर्जन से ज्यादा मंत्री जेल की सलाखों के पीछे चले गए थे। उन्हें लगता है कि वही सब अब भी हत्या और दुष्कर्म करते घूम रहे हैं।

मायावती पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि उनके समय में जो भी योजनाएं चलाई गईं उनमें उन्होंने मोटा कमीशन वसूला। जो भी निर्माण कार्य हुए वह घटिया स्तर के साबित हुए। उनके डीम प्रोजेक्ट वाले स्मारकों में भी दरारें पडऩें लगी हैं। बसपा को सत्ता में आने में भाजपा ने सहयोग किया था।

राजेंद्र चौधरी ने कहा कि मायावती को पांच साल बाद अचानक सांप्रदायिक सौहार्द की चिंता सताने लगी है। उन्हें केंद्र से मदद न मिलने की शिकायत है जबकि योजना आयोग की बैठकों में वह कभी शिरकत करने नहीं गईं। उन्होंने कहा कि नोएडा से बलिया तक गंगा एक्सप्रेस-वे योजना किसानों, मुस्लिमों एवं गरीबों की भलाई के लिए नहीं, बल्कि पूंजीपतियों से सांठगांठ कर उन्हें सस्ती जमीन मुहैया कराकर भारी कमीशन लिया गया।

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