तीन माह और 12 मर्डर

धर्मशाला। प्रदेश के निचले जिलों में मर्डर, रेप और सुसाइड का ग्राफ चढ़ता जा रहा है। कांगड़ा, ऊना और चंबा में पिछले पांच सालों के मुकाबले क्राइम रेट में बढ़ोतरी हुई है। तमाम मामलों में एकत्रित किए गए सबूतों में फारेंसिक लैब में जांच की गई और आरोपियाें को सलाखों के पीछे भी धकेला गया है। कुछेक ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिनमें शातिरों ने सुबूत को अपनी ओर से मिटाने का पूरा प्रयास किया गया है, मगर फारेंसिक विशेषज्ञों ने मौके पर जाकर सुबूत इकट्ठा कर शातिरों को सजा दिलाई है।
फारेंसिक लैब के सूत्रों के अनुसार 2009 से लेकर 2013 तक कांगड़ा में 98 मर्डर हो चुके हैं। इसके अलावा चंबा में 15 और ऊना मेें 09 मर्डर हुए हैं। तमाम मामलों में फारेंसिक लैब में सबूतों के आधार पर बनी रिपोर्ट को कोर्ट में भेज दिया गया है। वहीं, अटेंप्ट टू मर्डर के मामलों में कांगड़ा सबसे आगे रहा है। कांगड़ा में 38 लोगों को मारने का प्रयास किया गया। वहीं, चंबा में 5, जबकि ऊना में दो मामले सामने आए हैं। रेप के मामलों की जांच फोरेंसिक लैब में की गई। कांगड़ा में 83, चंबा में 24 और ऊना में 27 रेप हुए हैं। वहीं, सुसाइड मामलों में कांगड़ा में 63, चंबा में 8 और ऊना में 4 लोगों ने फंदा लगाया है। कांगड़ा में अप्रैल 2013 से लेकर जून 2013 तक 12 मर्डर हुए हैं। उधर, फोरेंसिक लैब के सहायक निदेशक एवं मीडिया अधिकारी डा. एसके पाल ने कहा पांच सालों में तमाम मामलाें में फोरेंसिक लैब में जांच की गई है। रिपोर्ट को कोर्ट को भेजा जा चुका है।

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