
जवाली (कांगड़ा)। एसडीएम जवाली डा. सुरेश जसवाल ने बीबीएमबी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पौंग डैम में पानी 1360 फुट से अधिक न भरें तथा थोड़ा-थोड़ा पानी छोड़ते रहें। जिससे बरसात में पौंग डैम के आसपास के गांवों को बाढ़ की स्थिति का सामना न करना पड़े।
वह प्राकृतिक आपदा प्रबंधन विषय पर मंगलवार को एसडीएम कार्यालय में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उपमंडल जवाली के समस्त विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। डा. जसवाल ने बरसात के सीजन में प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए विभागीय अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए। इसके अलावा लोनिवि के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बरसात के दिनों में अपनी लेबर व जेसीबी मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने चिकित्सकों से भी आग्रह किया कि वे अस्पताल में 24 घंटे चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करें और एंबुलेंस भी हर समय उपलब्ध रखें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे खड्डों व नालों के किनारे रहने वालों को बरसात में सचेत रहने के बारे में जागरूक करें। प्राकृतिक आपदा पर 01893-264310, 01893-264148, 01893-256539 नंबरों पर सूचना देने का आह्वान किया।
इस मौके पर तहसीलदार जवाली मुनीष कुमार, लोनिवि जवाली के एक्सईएन नानक चंद, एसडीओ मुरारी लाल, आईपीएच विभाग के एसडीओ सुभाष जसरोटिया, एसएमओ जवाली डा. पुनीत पराशर, बिजली बोर्ड के एक्सईएन केएस चंबयाल, बीबीएमबी के एससी हरजीत सिंह, नवीन कुमार, सुरेंद्र कुमार सहित काफी संख्या में विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।
सूर्या अस्पताल का हुआ शुभारंभ
जवाली (कांगड़ा)। उपमंडल जवाली के अंतर्गत महाराणा प्रताप ग्राउंड लब के समीप सूर्या मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल का मंगलवार को शुभारंभ हुआ। इसमें अस्पताल के संचालक नीरज ठाकुर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंनेे अस्पताल का शुभारंभ किया। तदोपरांत हवन-यज्ञ का आयोजन हुआ। अस्पताल के रेजिडेंट डा. नरेंद्र सिंह (सोनोलॉजिस्ट) ने बताया कि इस अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, ओपीडी, आईपीडी, आईसीयू, पित्ते की पत्थरी, गुर्दे की पत्थरी, बवासीर, अपेंडिक्स, इनफरटीलिटी ट्रीटमेंट लैपरोस्कॉपिक सर्जरी सहित हर प्रकार की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। नीरज ठाकुर ने बताया कि जवाली इलाके की जरूरत को देखते हुए उन्होंने इसकी दूसरी ब्रांच खोली है। इस मौके पर डा. धनश्री शर्मा, डा. विजय शर्मा, डा. स्मृति सानी, डा. जितेंद्र सिंह सहित स्थानीय लोग मौजूद रहे।
