
देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। स्थानीय बस स्टैंड के निकट बाड़ी रोड पर स्थित नाले पर बनी पुलिया का डंगा दोपहर करीब चार बजे अचानक धंस जाने के कारण बड़ा हादसा टल गया। डंगा धंसने से पुलिया का आधा हिस्सा पूरी तरह टूट चुका है। इससे हलके और भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से रुक गई है।
नपं के वार्ड नंबर एक और सात के करीब 250 घरों के वाहन अब 3-4 माह तक घरों में कैद होकर रह जाएंगे। क्योंकि इन वार्डों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए कोई दूसरी वैकल्पिक सड़क नहीं है। इस मार्ग पर सिविल सप्लाई का गोदाम, आयुर्वेदिक अस्पताल, सीसे स्कूल और प्राइमरी स्कूल भी स्थित है। अब यहां पहुंचने के लिए लोगों को पैदल ही रास्ता आना-जाना पड़ेगा। जानकारी के अनुसार करीब एक साल पहलेइस पुलिया के पुनर्निर्माण के लिए मार्केटिंग बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष कृपाल परमार ने करीब आठ लाख रुपये स्वीकृत किए थे। उसके बाद इसका टेंडर भी हुआ। लेकिन ठेकेदार और संबंधित विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते आज दिन तक इसका निर्माण कार्य शुरू नही हो पाया। संबंधित विभाग के सुस्त रवैया के चलते इसका खामियाजा इलाके की करीब 700 की आबादी को भुगतना पड़ेगा।
नपं को कई बार किया अवगत
स्थानीय अनिल कुमार, दिनेश कुमार, लक्की, पवन शर्मा, कपिल सूद, विजय कुमार, संजय कुमार, नवीन कुमार, पार्षद अमित राणा आदि ने बताया कि इस पुलिया के खस्ताहाल के बारे कई दफा नपं को अवगत करवाया गया था। लेकिन कोई असर नहीं हुआ। नपं ने कुछ समय पहले एक चेतावनी बोर्ड लगाकर इतिश्री कर ली और आज पुलिया के दोनों सिरों को बंद करके नपं ने अपना कर्तव्य पूरा कर लिया है। नपं देहरा सुनीता कुमारी और उपाध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर ने खस्ताहाल पुलिया के बारे में सरकारी महकमों के अधिकारियों को अवगत कराया गया था कि यहां से भारी वाहनों को न गुजरने दें। आज भी ट्रक के गुजरने के तुरंत बाद पुलिया का आधा हिस्सा ढह गया।
