घर तो गया साथ ‘माया’ भी ले गया!

मंडी। शहर में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जाधारकों पर दोहरी मार पड़ रही है। नगर परिषद की ओर से अवैध कब्जा हटाने में लगी लेबर और मशीनरी का खर्च भी अवैध कब्जाधारकों के सिर डाला जा रहा है। जबकि, सरकारी भूमि की मार्केट वैल्यू के आधार पर उनसे हर्जाना भी वसूला जा रहा है। यह हजारों में नहीं लाखों में बैठ रहा है। इससे कब्जाधारकों के होश उड़ गए हैं।
जहां-जहां भी नप का कटर, हथौड़ा और जेसीबी चल रही है। उसका बिल अवैध कब्जाधारकों को थमाया जा रहा है। अब तक नप ने दो अवैध कब्जाधारकों को कुल नौ लाख रुपये से अधिक की वसूली का बिल थमा दिया है। जेलरोड से इन कब्जों को हटाया गया। हरी सिंह को अवैध कब्जा हटाने का 57500 रुपये और सरकारी भूमि के उपयोग का हर्जाना 657000 रुपये का कुल मिलाकर सात लाख चौदह हजार पांच सौ रुपये का बिल थमाया है। इधर, विष्णु देवी को कुल 2 लाख पांच हजार 850 रुपये का बिल थमाया है। इसे देखते हुए अब अवैध कब्जाधारक स्वयं ही कब्जा हटाने लग गए हैं।
रोशन लाल, मनसा राम, खेमसिंह, जोगेंद्र सिंह, मधु, खुशीराम और केके महाजन ने स्वयं ही अपने अवैध कब्जे गिराने शुरू कर दिए हैं। इधर, नप के कार्यकारी अधिकारी केआर ठाकुर का कहना है कि उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार अवैध कब्जाधारकों से अवैध कब्जे गिराने और भूमि उपयोग का बिल वसूलने के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। कुछ लोगों ने स्वयं ही अपने अवैध कब्जे गिराने बारे नप को लिखा है। अगर वे इसमें कोताही करते हैं तो नप स्वयं उन कब्जों को हटाकर उनसे बिल वसूलेगी।

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