
पधर (मंडी)। सोमवार को बारिश की रिमझिम फुहारों के बीच 64वां वृत्त स्तरीय वन महोत्सव उरला में धूमधाम से मनाया गया। स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने देवदार का पौधा लगाकर महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा वनमंडल मंडी के हिमरी गंगा पर्यटन स्थल को इको टूरिजम के जरिये विकसित किया जाएगा। वन विभाग के माध्यम से इस पर 34 लाख रुपये व्यय होंगे। रिवालसर झील के इर्द गिर्द के क्षेत्र के विकास और संवर्धन के लिए सात करोड़ की योजना केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजी है।
वन वृत्त मंडी में चालू वित्त वर्ष में 1350 हेक्टेयर वन क्षेत्र में पौधरोपण किया जा रहा है। पौधरोपण के साथ इनकी देखभाल वन विभाग के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है और रखरखाव की अवधि तीन वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष कर दी है। कैट-प्लान में पौधरोपण के रखरखाव की अवधि सात वर्ष कर दी गई है। पिछले दो दशकाें से प्रदेश को हरित आवरण में तबदील करने में वन विभाग की अहम भूमिका रही है। इससे प्रदेश का हरित भौगोलिक क्षेत्र 21.16 फीसदी से बढ़कर 26.37 फीसदी हुआ है। चौड़ी पत्तेदार पौधों के रोपण को सरकार विशेष तवज्जो दे रही है। बजट में 20 फीसदी फलदार पौधे और जंगली झाड़ियों को पौधरोपण कार्यक्रम में शामिल किया गया है। वन चरागाहों में लैंटाना नामक फलणू घास फैल रही है। प्रभावित क्षेत्रों में फुलणू उन्मूलन कार्यक्रम चलाया है और वन विभाग के माध्यम से चरागाहों का विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
उरला पंचायत प्रधान कविता देवी, वन अरण्यपाल बीएस राणा ने भी संबोधित किया। इस मौके पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष पूर्ण चंद ठाकुर, द्रंग ब्लाक अध्यक्ष जोगिंद्र गुलेरिया, चंद्रशेखर ठाकुर, अरण्यपाल मंडी बीएस राणा, डीएफओ जोगिंद्रनगर पीएल गुप्ता, अजीत ठाकुर, वामन देव ठाकुर, मनोहर चंद ठाकुर, केहर सिंह ठाकुर, रंजन शर्मा, भारदर सिंह मुगलाना, नरोतम डोगरा, अधिशाषी अभियंता लोनिवि एनके शर्मा, आइपीएच पीएस राणा, आरओ उरला ओपी चंदेल, सहायक अभियंता लोनिवि जोगेश वैद्य, केके ठाकुर, आइपीएच हर्ष शर्मा, बीएमओ पधर आरएल शर्मा मौजूद रहे।
