
पालमपुर (कांगड़ा) आपके पांव नीले पड़ने लगे हों तो सावधान हो जाइए। यह वेस्कुलर बीमारी हो सकती है। इससे लापरवाह रहने पर आप अपना पांव भी गंवा सकते हैं। यह कहना है कि फोर्टिस अस्पताल मोहाली में वैस्कुलर-एंडोवैस्कुलर सर्जरी के मुख्य चिकित्सक रावुल जिंदल का। उन्होंने पालमपुर में सोमवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि स्पेशलाइज्ड वेस्कुलर सर्जन बहुत कम ही हैं, लेकिन लाइफस्टाइल बदलकर जरूरी सावधानी बरतें तो इससे बचा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पैरों का नीला पड़ना वेस्कुलर बीमारी की निशानी है, जिसे मेडिकल में पेरिफेरल आर्ट्रियल डिजीज (पीएडी) कहा जाता है। हमारे दिल से पूरे शरीर में खून की सप्लाई होती है, लेकिन इस बीमारी में पैर की नसों में खून की सप्लाई बंद हो जाती है। पैर नीला पड़ने लगता है और गैंगरीन का रूप ले लेता है। इस बीमारी की वजह है बुढ़ापा, धूम्रपान, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल और हाईपरटेंशन। 50 से अधिक उम्र के 4 से 6 फीसदी लोगों में यह समस्या होती है। सेंट मेरीज अस्पताल लंदन से वेस्कुलर सर्जिकल प्रोसिजर में एडवांस ट्रेनिंग हासिल कर चुके डा. जिंदल का कहना है कि इस बीमारी से पीड़ित लोगों की अन्य के मुकाबले हार्ट अटैक या हार्ट स्ट्रोक से जान जाने की आशंका 2 से 6 गुना ज्यादा होती है। इस बीमारी के लक्षण दिखें तो स्पेशलिस्ट वेस्कुलर सर्जन के पास ही जाना चाहिए।
